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महाराष्ट्र एटीएस के रडार पर मुंब्रा की युवती, पिता के इंडियन मुजाहिदीन और सिमी कनेक्शन के बाद बढ़ी जांच

मुंब्रा की युवती नामीराह पर एटीएस की जांच, पिता तारिक खान का इंडियन मुजाहिदीन और सिमी से कनेक्शन
महाराष्ट्र

मुंबई, 11 सितंबर (आईएएनएस)। मुंब्रा की 19 साल की एक युवती नामीराह का नया पासपोर्ट अब महाराष्ट्र आतंकवाद-रोधी दस्ता (एटीएस) की जांच का केंद्र बन गया है। वजह सिर्फ यह नहीं कि उसने पुराने पासपोर्ट की जानकारी दिए बिना नया पासपोर्ट बनवाया, बल्कि जांच में सामने आया कि उसके पिता तारिक खान का नाम इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) और सिमी से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है।

एटीएस की प्राथमिक जांच के बाद अब मुंब्रा पुलिस ने नामीराह तारिक खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच एजेंसियां अब नामीराह के पुराने और नए पासपोर्ट, उसकी विदेश यात्राओं और फरार पिता से संभावित संपर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

एटीएस को जानकारी मिली थी कि मुंब्रा की रहने वाली नामीराह तारिक खान ने अधूरी जानकारी देकर नया पासपोर्ट बनवाया है। इसके बाद एटीएस ने जब मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि नामीराह के पास पहले से ही लखनऊ से जारी एक पासपोर्ट था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, नया पासपोर्ट बनवाते समय पुराने पासपोर्ट की जानकारी देनी होती है, लेकिन नामीराह ने अपने पुराने पासपोर्ट की जानकारी नहीं दी और मुंब्रा से नया पासपोर्ट बनवा लिया। इसी जानकारी के सामने आने के बाद एटीएस ने उसके पुराने पासपोर्ट और विदेश यात्राओं से जुड़ी जानकारी की जांच शुरू की।

जांच के दौरान एजेंसियों को पता चला कि नामीराह के पिता तारिक खान का नाम इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) और सिमी से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। इसके बाद एटीएस ने मामले को और गंभीरता से लेना शुरू किया।

सूत्रों के मुताबिक, तारिक खान के खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं। पहला मामला वर्ष 2001 का है, जिसमें उस पर प्रतिबंधित संगठन सिमी से जुड़े होने का आरोप लगा था।

इसके बाद वर्ष 2006 में मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसके खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था। वर्ष 2011 में उसके खिलाफ फर्जी करेंसी से जुड़ा एक और मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में भी यूएपीए की गंभीर धाराएं लगाई गई थीं।

सूत्रों के मुताबिक, तारिक खान अपने आक्रामक भाषणों के लिए जाना जाता था। एजेंसियों का आरोप है कि वह इंडियन मुजाहिदीन और सिमी के लिए युवाओं को कथित तौर पर रेडिकलाइज करता था और उनकी भर्ती में भूमिका निभाता था।

जांच एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, तारिक खान को इंडियन मुजाहिदीन के रियाज भटकल और यासीन भटकल का करीबी भी माना जाता था। तारिक खान पर यह भी आरोप है कि उसने कई युवाओं को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के ट्रेनिंग कैंप में ट्रेनिंग के लिए भेजा था।

एटीएस के मुताबिक, वर्ष 2006 के दौरान भारत-नेपाल सीमा के पास इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ा एक ट्रेनिंग सेंटर भी सक्रिय था। आरोप है कि तारिक खान युवाओं को इस सेंटर में ट्रेनिंग के लिए भेजता था और इसके संचालन को लेकर भी उसकी भूमिका थी।

जांच एजेंसियों के मुताबिक वर्ष 2007 में तारिक खान ने पुणे के कोंढवा इलाके में इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े कई युवाओं को छिपाया था। तारिक खुद भी उस दौरान वहां मौजूद था और युवाओं को मोबाइल फोन से जुड़ी ट्रेनिंग देता था।

सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2011 के बाद तारिक खान देश छोड़कर फरार हो गया। जांच एजेंसियों को शक है कि वह किसी खाड़ी देश में छिपा हुआ है। अब एटीएस नामीराह के पुराने पासपोर्ट और उसकी विदेश यात्राओं की भी जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जब नामीराह नाबालिग थी, तब उसके पास लखनऊ से जारी पासपोर्ट था। इसी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर वह 2014 और 2016 में खाड़ी देश गई थी।

एजेंसियों को शक है कि इन यात्राओं के दौरान नामीराह अपने फरार पिता से मिलने गई हो सकती है। हालांकि यह अभी जांच का विषय है और एजेंसियां विदेश यात्रा के रिकॉर्ड तथा अन्य जानकारियों को खंगाल रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, नामीराह के नए पासपोर्ट की जानकारी सामने आने और एटीएस की जांच तेज होने के बाद उसकी मां शबाना भी कहीं चली गई है। सूत्रों का कहना है कि कुछ समय पहले ही शबाना का पासपोर्ट रिन्यू हुआ था।

एटीएस अब नामीराह, उसकी मां शबाना और फरार पिता तारिक खान के बीच संभावित संपर्क की भी जांच कर रही है। साथ ही एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नामीराह ने पुराने पासपोर्ट की जानकारी छिपाकर नया पासपोर्ट क्यों बनवाया और उसकी विदेश यात्राओं का उद्देश्य क्या था।

फिलहाल एटीएस और मुंब्रा पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं। जांच का फोकस नामीराह के पासपोर्ट, पुराने पासपोर्ट की जानकारी छिपाने, उसकी विदेश यात्राओं, फरार पिता तारिक खान से संभावित संपर्क और परिवार के अन्य सदस्यों की गतिविधियों पर है।

--आईएएनएस

ओपी/वीसी