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कोलकाता होटल में आग: पांच सदस्यीय पुलिस टीम करेगी जांच

कोलकाता

कोलकाता, 19 अगस्त (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस ने बुधवार को मध्य कोलकाता की मिर्जा गालिब स्ट्रीट पर स्थित एक होटल में लगी आग की घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाने की घोषणा की। इस घटना में दो महिलाओं और एक बच्चे समेत नौ लोगों की मौत हो गई थी।

मीडिया को जानकारी देते हुए कोलकाता पुलिस के जॉइंट कमिश्नर (क्राइम) कुणाल अग्रवाल ने बताया कि एसआईटी की कमान डिप्टी कमिश्नर रैंक के एक अधिकारी संभालेंगे, जो अभी शहर की पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट से जुड़े हैं।

स्थानीय न्यू मार्केट पुलिस स्टेशन, जिसके अधिकार क्षेत्र में यह होटल बिल्डिंग आती है, उसने इस मामले में पहले ही स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज कर लिया है। राज्य के फायर सर्विस डिपार्टमेंट ने भी इस मामले में एक अलग शिकायत दर्ज कराई है।

मिर्जा गालिब स्ट्रीट इलाके में कई सस्ते होटल हैं, जहां दूसरे राज्यों और दूसरे देशों से आने वाले पर्यटक ठहरते हैं। चूंकि इन होटलों में ठहरने वालों का एक बड़ा हिस्सा पड़ोसी देश बांग्लादेश से मेडिकल टूरिज्म के लिए कोलकाता आता है, इसलिए इस बात की संभावना है कि आग में मारे गए नौ लोगों में बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हो सकते हैं।

बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल, जिन्होंने आग लगने वाली जगह का दौरा किया, उन्होंने इस हादसे के लिए पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार और प्राइवेट बिजली उत्पादन-वितरण कंपनी सीईएससी लिमिटेड को जिम्मेदार ठहराया।

पॉल ने कहा, "फायर सर्विस डिपार्टमेंट ने बिना कम से कम आग से सुरक्षा के इंतजाम के होटल चलाने की इजाजत कैसे दे दी? सीईएससी लिमिटेड ने बिजली कनेक्शन कैसे दे दिया? कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के अधिकारी क्या कर रहे थे? इन सभी की जवाबदेही तय होनी चाहिए।"

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एक ही बिल्डिंग से कई होटल और गेस्ट हाउस कैसे चल रहे थे।

पॉल ने कहा, "कई कमरों में एसी मशीनें लगी हुई थीं? सीईएससी लिमिटेड ने इसकी इजाजत कैसे दे दी? केएमसी में पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के बोर्ड ने उन्हें ट्रेड लाइसेंस कैसे दे दिया? इन सभी बातों की जांच की जाएगी।"

इस बीच, बिल्डिंग के मालिक और उस बिल्डिंग में चलने वाले होटलों और गेस्ट हाउस के मालिक आज सुबह आग लगने के बाद से ही संपर्क से बाहर हैं।

बिल्डिंग के केयरटेकर और वहां मौजूद होटलों और गेस्ट हाउस के कर्मचारियों का कहना है कि संबंधित मालिकों ने या तो अपने मोबाइल बंद कर लिए हैं या फिर वे आज सुबह से ही फोन नहीं उठा रहे हैं।

पुलिस और पश्चिम बंगाल फायर सर्विस डिपार्टमेंट की शुरुआती जांच से पता चला है कि आज सुबह होटल में आग लगने की घटना में मारे गए नौ लोगों (जिनमें दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल है) की मौत जलने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई है।

--आईएएनएस

डीकेएम/एएस