पुणे, 3 जुलाई (आईएएनएस)। पुणे के केतन हत्याकांड मामले में अदालत ने दोनों आरोपियों (सिया गोयल और चेतन चौधरी) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने कोर्ट से दोनों आरोपियों की तीन दिन की अतिरिक्त पुलिस कस्टडी की मांग की थी। पुलिस का कहना था कि जांच के दौरान दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जानी है। इसके अलावा, मामले से जुड़े कई चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की रिकवरी और जांच करनी है।
दरअसल, चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी को शुक्रवार को एक बार फिर वडगांव कोर्ट में पेश किया गया। क्योंकि दोनों की पुलिस रिमांड शुक्रवार को समाप्त हो गई थी। ऐसे में लोनावला ग्रामीण पुलिस कोर्ट से उनकी पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग की।
पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। 2 जुलाई को जांच के सिलसिले में पुलिस सिया गोयल को उसके घर लेकर गई थी। वहां से पुलिस ने सिया की एक पैंट जब्त की, जिसे जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
वहीं, गुरुवार को लोनावला ग्रामीण पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी से कई घंटों तक गहन पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में कई डिजिटल सबूत जुटाए जा चुके हैं। इसके अलावा, जिस जगह केतन अग्रवाल की हत्या हुई थी, वहां दोनों आरोपियों की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम का सीन रिक्रिएशन भी कराया गया है, ताकि वारदात की कड़ियों को विस्तार से समझा जा सके।
इससे पहले इस मामले में पुलिस ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया था। पूछताछ के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने केतन की हत्या से पहले उसकी 'मर्डर रिहर्सल' की थी। पुलिस के अनुसार, दोनों पहले पुणे के लुल्ला नगर स्थित पहाड़ी इलाके, जो सैन्य (मिलिट्री) क्षेत्र के पास है, वहां पहुंचे और यह परखा कि किसी व्यक्ति को पहाड़ी से धक्का देने पर उसकी मौत हो सकती है या नहीं।
जांच में सामने आया कि इस कथित 'प्रैक्टिस' के बाद दोनों ने अपनी साजिश को लोनावला के लोहगढ़ किले की पहाड़ी पर अंजाम दिया, जहां केतन अग्रवाल को कथित तौर पर पहाड़ी से धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया गया।