चेन्नई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश और पानी की आवक में कमी के कारण कर्नाटक के कृष्णराज सागर और काबिनी जलाशयों से तमिलनाडु के लिए छोड़े जाने वाले कावेरी के पानी की मात्रा को काफी कम करके 5,200 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड कर दिया गया है।
पिछले दिन कुल डिस्चार्ज 11,983 क्यूसेक था। अब इसमें 6,783 क्यूसेक की कमी आई है, जो एक दिन में लगभग 57 प्रतिशत की गिरावट है।
यह गिरावट तमिलनाडु के लिए अहम है, क्योंकि वह कर्नाटक के कावेरी बेसिन जलाशयों से छोड़े जाने वाले पानी पर बारीकी से नजर रखता है। नीचे की ओर बहने वाला पानी मेट्टूर बांध में जमा होता है और कावेरी डेल्टा में सिंचाई में मदद करता है, जहां किसान खड़ी फसलों और मौसमी खेती के लिए समय पर पानी की आपूर्ति पर निर्भर रहते हैं।
तमिलनाडु की ओर छोड़े गए कुल पानी में से 4,800 क्यूसेक पानी कृष्णराज सागर जलाशय (केआरएस) से छोड़ा जा रहा था। बाकी 1,200 क्यूसेक पानी काबिनी जलाशय से छोड़ा जा रहा था। केआरएस कर्नाटक के मांड्या जिले के श्रीरंगपट्टनम में स्थित है। इसके कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्र) में कोडगु जिला और केरल के वायनाड का कुछ हिस्सा शामिल है।
कोडागु में बारिश पूरी तरह से रुक गई है, जिससे जलाशय में आने वाले पानी की मात्रा में लगातार कमी आ रही है। सोमवार सुबह तक केआरएस में पानी का स्तर 106.84 फीट था, जबकि जलाशय की पूरी क्षमता 124.80 फीट है। पानी का इनफ्लो (आवक) 2,511 क्यूसेक दर्ज किया गया, जबकि आउटफ्लो (बहाव) 4,800 क्यूसेक रहा।
चूंकि पानी का आउटफ्लो इनफ्लो से ज़्यादा था, इसलिए जलाशय में जमा पानी लगातार कम होता गया। मैसूरु जिले के काबिनी जलाशय में भी ऐसी ही स्थिति देखी गई। इसका जल स्तर समुद्र तल से 2,268.50 फीट दर्ज किया गया, जबकि जलाशय की पूरी क्षमता 2,284 फीट है।
काबिनी में इनफ्लो 2,514 क्यूसेक था, जबकि 1,200 क्यूसेक पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जा रहा था। काबिनी और केआरएस से छोड़े गए पानी को मिलाकर कुल 5,200 क्यूसेक पानी तमिलनाडु की ओर बह रहा था।
आमतौर पर जलाशय से पानी छोड़ने का फैसला बारिश, पानी के बहाव, मौजूदा स्टोरेज और निचले इलाकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है।
ऊपरी कावेरी कैचमेंट एरिया में बारिश कम होने के कारण, अधिकारियों से उम्मीद की जाती है कि वे जलाशय के जलस्तर पर बारीकी से नजर रखेंगे और उसके बाद ही कोई और बदलाव करेंगे।
पानी की मात्रा में कमी से तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा में पानी की उपलब्धता पर फिर से ध्यान गया है। कोडगु और वायनाड में अगर फिर से बारिश होती है तो केआरएस, काबिनी और बेसिन के दूसरे जलाशयों में पानी का बहाव बढ़ सकता है।
--आईएएनएस
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