मांड्या, 16 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मांड्या जिले के मद्दुर में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) की ओर से बड़े पैमाने पर गणपति विसर्जन जुलूस निकाला जा रहा है। पिछले साल हुई पत्थरबाजी और सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस हाई अलर्ट पर है।
पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। किसी भी अप्रिय घटना और दंगे को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जिस मस्जिद के पास से जुलूस गुजरेगा, वहां विशेष सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पूरे गणेश जुलूस पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही है, ताकि हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। पुलिस जुलूस के हर कदम पर पैनी नजर बनाए हुए है।
जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आज मद्दुर शहर में शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। बार और रेस्तरां खोलने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
गौरतलब है कि पिछले साल मद्दुर में गणेश जुलूस के दौरान पत्थरबाजी की घटना हुई थी, जिसके बाद सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे। इसी मुद्दे ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया था। अब भाजपा-जेडीएस गठबंधन पिछले साल के दंगों से सबक लेते हुए एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है।
इस साल 'दोस्ती' गुट की ओर से 108 गणेश मूर्तियों का सामूहिक विसर्जन किया जा रहा है। गणेश जी के प्रति लोगों की भावना को ध्यान में रखते हुए भाजपा-जेडीएस एकजुट होकर यह आयोजन कर रहे हैं। आज मद्दुर में सामूहिक गणपति विसर्जन समारोह आयोजित किया गया है। मद्दुर में कई जगहों पर स्थापित गणपति मूर्तियों को एक साथ विसर्जित किया जा रहा है।
सामूहिक विसर्जन से पहले एक विशाल जुलूस निकाला जा रहा है, जो मद्दुर की मुख्य सड़क से होकर गुजरेगा। गठबंधन ने फैसला किया है कि जुलूस उसी रास्ते से निकाला जाएगा, जिस रास्ते पर पिछले साल विवाद हुआ था। इस मार्च में करीब 10,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
राजनीतिक लिहाज से भी यह जुलूस अहम माना जा रहा है। आज भाजपा-जेडीएस मद्दुर में इस आयोजन के जरिए चुनावी बिगुल फूंकेंगे। गठबंधन के राज्य स्तरीय नेता इस रैली में शामिल होंगे। पेट स्ट्रीट पर मस्जिद के पास गणपति रैली का मुख्य आयोजन होगा, जहां भाजपा-जेडीएस के बड़े नेता मौजूद रहेंगे।
--आईएएनएस
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