नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। 'कारगिल विजय दिवस' पर भारतीय सेना के वीर जवानों के शौर्य और साहस को पूरा देश नमन कर रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्र सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कारगिल विजय दिवस पर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योद्धाओं को मैं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। उनका अद्वितीय पराक्रम, अडिग संकल्प और अनन्य राष्ट्रभक्ति हमारी सेना की गौरवशाली परंपरा के अप्रतिम उदाहरण हैं। देश, सदैव उनका ऋणी रहेगा। हमारे उन पराक्रमी वीरों की शौर्यगाथा, आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा के पथ पर चलने के निरंतर प्रेरित करती रहेगी।"
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पोस्ट किया, "कारगिल विजय दिवस पर, देश भारतीय सशस्त्र बलों के उन बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है, जिनकी असाधारण वीरता, अटूट संकल्प और सर्वोच्च बलिदान ने कारगिल युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित की और हमारे देश की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की।"
उन्होंने आगे लिखा, "यह जीत भारत की सैन्य शक्ति, राष्ट्रीय एकता और अपनी मातृभूमि के चप्पे-चप्पे की रक्षा करने के अटूट संकल्प का प्रमाण है। देश हमारे इन बहादुर सैनिकों और उनके परिवारों का सदैव ऋणी रहेगा। जय हिंद।"
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लिखा, "26 जुलाई 1999 - भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस का स्वर्णिम अध्याय। कारगिल की दुर्गम चोटियों पर अपने प्राणों की आहुति देकर भारत माता की आन, बान और शान की रक्षा करने वाले अमर वीरों को 'कारगिल विजय दिवस' पर कोटि-कोटि नमन। राष्ट्र की रक्षा के लिए कारगिल के वीरों का समर्पण सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा। जय हिंद।"
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, "कारगिल विजय दिवस पर, हमारा देश उन वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है, जिन्होंने भारत की सुरक्षा के लिए अदम्य साहस और समर्पण का परिचय दिया। सबसे कठिन परिस्थितियों में भी उनका अदम्य साहस हमेशा राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य-निष्ठा पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।"
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पोस्ट किया, "कारगिल विजय दिवस पर, देश की रक्षा करने वाले हमारे बहादुर सैनिकों के साहस और वीरता को नमन। उनकी सेवा और बलिदान हमेशा याद रखे जाएंगे।"
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