JDU Spokesperson : नीतीश के संपत्ति खुलासे की राजीव रंजन प्रसाद ने की सराहना, कांग्रेस और टीएमसी पर साधा निशाना

नीतीश कुमार की संपत्ति घोषणा पर जदयू की तारीफ, नेताओं को नसीहत
नीतीश के संपत्ति खुलासे की राजीव रंजन प्रसाद ने की सराहना, कांग्रेस और टीएमसी पर साधा निशाना

पटना: जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से अपनी संपत्ति का ब्योरा दिए जाने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस उदाहरण से सभी नेताओं को सीख लेनी चाहिए।

राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, "यह लालच और दौलत जमा करने की चाहत रखने वाले आज के नेताओं के लिए एक बड़ी नसीहत है। नीतीश कुमार लोगों का भरोसा और आशीर्वाद इसलिए पाते हैं, क्योंकि वे निजी संपत्ति से जुड़े नहीं हैं और उन्होंने कभी भी संपत्ति के फायदे के लिए अपने पद का गलत इस्तेमाल नहीं किया। आज के नेताओं को इस उदाहरण से सीख लेनी चाहिए।"

जदयू प्रवक्ता ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से पिछले दिनों सरकार पर उठाए गए सवालों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, "मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। हाल ही में पार्टी को न सिर्फ राज्यों में, बल्कि अहम मुद्दों पर भी भारी हार का सामना करना पड़ा है। जिस तरह कांग्रेस की जनता के बीच स्वीकार्यता कम हो रही है, बौखलाहट में मल्लिकार्जुन खड़गे रटे हुए तर्कों के साथ बयान देते रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी अपनी कमियों को पहचानने और अपने सामने आने वाली चुनौतियों को समझने में नाकाम रहती है, तो आने वाले समय में उसकी हालत और खराब होने की संभावना है।

एसआईआर के विरोध में टीएमसी और अभिषेक बनर्जी के बयानों पर जदयू प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी ने कथित 'वोट चोरी' को लेकर एक बड़ा आंदोलन शुरू करने की कोशिश की, जिसके लिए उन्होंने पूरे देश से पार्टी कार्यकर्ताओं को बिहार में इकट्ठा किया। यही काम अब पश्चिम बंगाल में टीएमसी और अन्य विपक्षी पार्टियां दोहराने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन जनता ममता बनर्जी से पश्चिम बंगाल की मुक्ति चाहती है और इसीलिए टीएमसी की सत्ता में वापसी नहीं होगी।

उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें (राहुल गांधी) सलाह दी कि अगर सबूत हैं तो तथ्यों के साथ अपने बीएलए के जरिए एक औपचारिक शिकायत दर्ज की जानी चाहिए। बिहार में एसआईआर की पूरी प्रक्रिया कानूनी तौर पर पूरी की गई थी। जब वोटर लिस्ट जारी हुई, तो राहुल गांधी कोलंबिया में थे और उन्हें पता था कि बिहार में कोई गड़बड़ी नहीं है। इसीलिए देश में रहना मुनासिफ नहीं समझा।"

--आईएएनएस

 

 

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