दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगन्नाथ सरकार ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोप कम्युनिस्ट विचारधारा से प्रभावित हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले दिन आरोप लगाया कि भाजपा के नेता इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति असम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं। इस पर जवाब देते हुए भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने कहा, "भाजपा में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का बहुत सम्मान है, इसीलिए उनका स्टैच्यू लगाया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस, बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय, मास्टर दा सूर्य सेन और खुदीराम बोस के खिलाफ बोलने वाले कम्युनिस्ट थे।"
आईएएनएस से बातचीत में सांसद जगन्नाथ सरकार ने कहा, "हार के डर से ममता बनर्जी का दिमाग सही नहीं है। इसलिए वह बेबुनियाद आरोप लगा रही हैं। उन्हें जो आरोप कम्युनिस्टों पर लगाना चाहिए था, वह भाजपा पर लगा रही हैं।"
जगन्नाथ सरकार ने कहा, "रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुस्लिम वोटरों के नाम बीएलओ पर दबाव डालकर गलत तरीके से जुड़वाए गए। उन्हें हटाना पूरी तरह से सही है। मतदाता सूची सौ प्रतिशत साफ और शुद्ध होनी चाहिए, जिसके लिए सभी राजनीतिक दलों को भी अपना सहयोग देना चाहिए।"
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को इस बार चुनाव में हार का डर है, इसलिए वह इन गैरकानूनी बांग्लादेशी और रोहिंग्या वोटरों को हटाने का विरोध कर रही हैं।
उन्होंने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में डिटेंशन सेंटर की जरूरत नहीं है। बांग्लादेशी जिस रास्ते आए, उसी रास्ते वापस भेजेंगे।
जगन्नाथ सरकार ने कहा, "सुवेंदु अधिकारी ने बिल्कुल सही बोला है। बांग्लादेश बॉर्डर इलाकों पर, खासकर अब कड़ी नजर रखी जा रही है। इसलिए, डिटेंशन सेंटर की कोई जरूरत नहीं है। एसआईआर की प्रक्रिया के बाद सजा के डर से सभी बांग्लादेशी और रोहिंग्या भाग जाएंगे। इससे डिटेंशन सेंटर की जरूरत नहीं है। सुवेंदु अधिकारी ने जो कहा वह बिल्कुल सही था।"