नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता मेधा कुलकर्णी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीएसटी के ढांचे में बड़े सुधार करते हुए इसे अब आम लोगों के लिए अधिक सरल और उपयोगी बना दिया गया है।
मेधा कुलकर्णी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "पहले जीएसटी की चार दरें थीं, लेकिन अब उसे घटाकर दो प्रमुख स्लैब (5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत) कर दिया गया है। यह बदलाव प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री सीतारमण की मजबूत नेतृत्व क्षमता का परिणाम है।"
उन्होंने बताया कि घी जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं को पूरी तरह से जीएसटी से मुक्त कर दिया गया है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा, खेती-बाड़ी से जुड़ी वस्तुओं पर कर दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है।
हेल्थ इंश्योरेंस और मेडिकल उत्पादों पर भी जीएसटी की दरों में कटौती की गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अब और सस्ती हो जाएंगी। कुलकर्णी ने इस फैसले को 'जनता के लिए दिवाली का तोहफा' बताया।
मेधा कुलकर्णी ने यह भी कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के भाषण में दिए गए वादे को पूरा करने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा, "इस फैसले में गणपति बप्पा का आशीर्वाद और सुशासन की झलक है। यह बदलाव महाराष्ट्र सहित पूरे देश में त्योहारों के मौसम में लोगों की जेब पर बोझ को कम करेगा।"
हालांकि, कुलकर्णी ने बताया कि लग्जरी वाहनों और अल्ट्रा-लग्जरी आइटम्स पर 40 प्रतिशत की तीसरी जीएसटी दर अब भी बरकरार है, लेकिन यह वर्ग आम नागरिकों से प्रभावित नहीं होता।
उन्होंने कहा, "आम लोगों की जिंदगी पर इसका कोई असर नहीं है, इसलिए दो स्लैब की जो नई संरचना है, वह ज्यादातर लोगों के लिए राहत भरी है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन जीएसटी सुधारों को देश के आर्थिक भविष्य के लिए 'नेक्स्टजेनजीएसटी' करार देते हुए कहा कि यह कदम स्वस्थ भारत और विकसित भारत की ओर बढ़ता हुआ मजबूत कदम है।"
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लोगों के साथ संवाद करते हुए कहा, "'नेक्स्टजेनजीएसटी' उपायों से देशभर के परिवारों को जरूरी खाद्य पदार्थ, प्रोटीन युक्त उत्पाद और घरेलू उपयोग की वस्तुएं सस्ती मिलेंगी। ये सुधार स्वास्थ्य, पोषण और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाएंगे।"
पीएम मोदी ने कहा कि ये सुधार ग्रामीण भारत, विशेषकर डेयरी सेक्टर को भी मजबूती देंगे। उन्होंने कहा, "हमारे अन्नदाता भारत की पोषण सुरक्षा के रक्षक हैं। राष्ट्रीय गोकुल मिशन और सहकारी समितियों को समर्थन देकर हम डेयरी क्षेत्र को रूपांतरित कर रहे हैं। जीएसटी सुधार इस दिशा में एक और बड़ा कदम है।"







