Fake Samsung Mobile : दिल्ली के करोल बाग में नकली मोबाइल बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

करोल बाग में नकली सैमसंग अल्ट्रा-फोल्ड मोबाइल बनाने वाला गिरोह पकड़ा गया
दिल्ली के करोल बाग में नकली मोबाइल बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की स्पेशल स्टाफ टीम ने करोल बाग इलाके में प्रीमियम सैमसंग मोबाइल की नकली असेंबली और बिक्री में शामिल एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। टीम ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 512 नकली प्रीमियम सैमसंग मोबाइल फोन सहित भारी मात्रा में मोबाइल पार्ट्स बरामद किए हैं।

दिल्ली पुलिस की ओर से रविवार को जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह गिरोह चीन से आयात किए गए स्पेयर पार्ट्स का इस्तेमाल कर सैमसंग के अल्ट्रा, फोल्ड और फ्लिप जैसे हाई-एंड मॉडल तैयार करता था और उन पर फर्जी आईएमईआई नंबर और 'मेड इन वियतनाम' लिखे स्टिकर लगाकर इन फोन को बाजार में ब्रांडेड बताकर 35 से 40 हजार रुपए में बेच रहा था।

पुलिस ने 13 दिसंबर 2025 को एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली कि बीडनपुरा, करोल बाग स्थित एक दुकान में चोरी के मोबाइल खरीदने के साथ-साथ चीन से आए पुर्जों से नए जैसे दिखने वाले प्रीमियम मोबाइल तैयार किए जा रहे हैं। इन फोन में पुराने मदरबोर्ड लगाए जाते थे, नकली आईएमईआई चिपकाए जाते थे और इन्हें खुले बाजार में नया बताकर बेचा जाता था।

मामले की गंभीरता को लेते हुए इंस्पेक्टर रोहित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें कई सब-इंस्पेक्टर, एएसआई, हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी ऑपरेशंस सुलेखा जागरवार, आईपीएस की निगरानी में हुई। टीम ने 1 और 14 दिसंबर की मध्यरात्रि में दुकान पर छापेमारी कर चार आरोपियों को मोबाइल असेंबल करते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान हकीम, मेहताब अहमद अंसारी, रवि आहूजा और राहुल के रूप में हुई।

दुकान की तलाशी में 512 तैयार और आधे तैयार प्रीमियम सैमसंग मोबाइल फोन, 124 मदरबोर्ड, 138 बैटरियां, 459 फर्जी आईएमईआई लेबल, मोबाइल बॉक्स, सैकड़ों एक्सेसरीज और असेंबली में इस्तेमाल होने वाले विशेष औजार मिले। पूछताछ में कोई भी आरोपी इन वस्तुओं के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद करोल बाग थाने में एफआईआर दर्ज कर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस की कड़ी पूछताछ में यह सामने आया कि 36 वर्षीय हकीम महज आठवीं पास है, लेकिन इसी ने इस पूरे नेटवर्क को संगठित तरीके से चलाया। वह चीन से कैमरा, बॉडी फ्रेम, स्पीकर, बैक ग्लास और मदरबोर्ड जैसी सामग्री मंगवाकर अपने साथियों की मदद से हाई-डिमांड वाले सैमसंग फोन तैयार करता था और महंगे दाम पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाता था।

पुलिस अब सप्लाई चेन, खरीदारों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है ताकि नकली प्रीमियम मोबाइल की अवैध असेंबली और बिक्री में शामिल पूरे गिरोह को ध्वस्त किया जा सके।

--आईएएनएस

 

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