Sim Box Fraud : सिम बॉक्स-आधारित साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़, मेरठ से दो गिरफ्तार

सीबीआई ने सिम बॉक्स फ्रॉड रैकेट में शामिल दो आरोपियों को मेरठ से गिरफ्तार किया।
सिम बॉक्स-आधारित साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़, मेरठ से दो गिरफ्तार

मेरठ: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने शुक्रवार को जानकारी दी कि सिम बॉक्स-बेस्ड साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। उत्तर प्रदेश में छह जगहों पर तलाशी के बाद मेरठ से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान मोहम्मद विलाल और मोहम्मद दिलशाद के तौर पर हुई है। इन पर साइबर-इनेबल्ड फाइनेंशियल फ्रॉड को आसान बनाने के लिए टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर देने का आरोप है।

सीबीआई के मुताबिक, यह मामला सिम बॉक्स टेक्नोलॉजी के जरिए लगाए गए बल्क सिम कार्ड के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। यह टेक्नोलॉजी इंटरनेशनल या इंटरनेट-बेस्ड कॉल को लोकल कॉल के तौर पर रूट करने में मदद करती है। यह तरीका अक्सर पहचान छिपाने और बड़े पैमाने पर फ्रॉड करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

जांच में पता चला कि जनवरी 2025 में एक प्राइवेट कंपनी बनाई गई थी, जिसके नाम पर 108 सिम कार्ड खरीदे गए थे, जो शायद कर्मचारियों के इस्तेमाल के लिए थे। हालांकि, बाद में इन नंबरों को नागरिकों ने नेशनल साइबर रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और चक्षु पोर्टल पर फ्रॉड वाली गतिविधियों में उनके शामिल होने के लिए फ्लैग किया था।

अधिकारियों ने बताया कि कई शिकायतों से पता चला है कि इन सिम कार्ड से जुड़े नंबरों का इस्तेमाल पुलिस वालों और सरकारी अधिकारियों की नकल करने के लिए किया जा रहा था। कथित तौर पर ऐसे कॉल आने के बाद पीड़ितों को पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया जाता था, जो आमतौर पर ऑर्गनाइज्ड साइबर फ्रॉड स्कीम में पहला कदम होता है।

बड़े टेक्निकल एनालिसिस और कोऑर्डिनेटेड फील्ड ऑपरेशन के बाद, सीबीआई ने मेरठ और नोएडा में छह जगहों पर तलाशी ली। इस दौरान जिन जगहों पर छापेमारी की गई, उनमें कंपनी के डायरेक्टर, सिम बॉक्स इंफ्रास्ट्रक्चर सेट अप करने में शामिल उनके सहयोगी, एक टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर का जोनल ऑफिस और बल्क सिम जारी करने से जुड़े वेरिफिकेशन प्रोसेस के लिए जिम्मेदार एक प्राइवेट फर्म का कर्मचारी शामिल थे।

तलाशी के दौरान, सीबीआई ने लैपटॉप, मोबाइल फोन और हार्ड डिस्क समेत कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, साथ ही आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट और कई सिम कार्ड जब्त किए। खास बात यह है कि नेपाल का एक सिम कार्ड भी मिला, जिससे ऑपरेशन में संभावित क्रॉस-बॉर्डर लिंकेज का संकेत मिलता है।

--आईएएनएस

 

 

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