Advertisement banner

Rekha Gupta Statement : भाजपा सांसदों का कांग्रेस पर तीखा हमला, एसआईआर को बताया जरूरी

रेखा गुप्ता का हमला—एसआईआर से विपक्ष घबराया, घुसपैठियों पर राजनीति का आरोप
घुसपैठियों पर सियासत गर्म: भाजपा सांसदों का कांग्रेस पर तीखा हमला, एसआईआर को बताया जरूरी

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद रेखा गुप्ता ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास भारतीय नागरिकों के वोट नहीं बचे हैं। वे एसआईआर से इसलिए चिंतित हैं, क्योंकि घुसपैठिए ही विपक्ष को चुनने का काम करते हैं।

सांसद रेखा गुप्ता ने लोकसभा में 'घुसपैठियों' पर दिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन किया। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "कई सालों से घर-घर जाकर ऐसी कोई चेकिंग नहीं हुई थी। कांग्रेस के समय बड़ी संख्या में घुसपैठिए आए। पश्चिम बंगाल के हर क्षेत्र में बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। रोहिंग्या पश्चिम बंगाल से लेकर कश्मीर तक फैल चुके हैं। अगर आप उत्तराखंड को देखें, तो उनके आने के बाद से पूरा इलाका बदल गया है।"

उन्होंने पूछा, "जब रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के आने से डेमोग्राफी बदल चुकी है, तो क्या सच में हम यह चाहते हैं कि अवैध रूप से रहने वाले लोग देश में नेताओं को चुनें?"

रेखा गुप्ता ने कहा, "विपक्ष के पास भारतीय नागरिकों के वोट नहीं बचे हैं। वे एसआईआर से चिंतित हैं, क्योंकि घुसपैठिए ही विपक्ष को चुनने का काम करते हैं। अब अगर घुसपैठियों को बाहर कर दिया जाएगा तो विपक्ष की राजनीति का क्या होगा? इसीलिए बुधवार को जब गृह मंत्री अमित शाह अपनी बात रख रहे थे, तो विपक्ष ने वह सुना नहीं। सभी विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया, लेकिन इनको सच्चाई का सामना जरूर करना पड़ेगा।"

वहीं, भाजपा सांसद किरण चौधरी ने कहा कि देश की जनता अब विपक्ष के 'वोट चोरी' के आरोपों पर भी हंसी उड़ाने लगी है। उन्होंने कहा, "विपक्ष ने जिन क्षेत्रों में 'वोट चोरी' के मुद्दों को उठाया, वहीं से इनके नेता चुनकर आए। बिहार में कांग्रेस की सहयोगी पार्टी राजद ने भी 'वोट चोरी' को अपना मुद्दा नहीं बनाया।"

किरण चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मुद्दाविहीन हो चुकी है, लेकिन अच्छा होता अगर विपक्ष के नेता जनता से जुड़े मुद्दों की बात करते। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के जरिए अवैध वोटों को मतदाता सूची से दूर किया जा रहा है। मतदाता सूची में बहुत से घुसपैठिए शामिल थे, जिनके नाम हटाए जा रहे हैं, जो बिल्कुल सही है।

--आईएएनएस