भागलपुर: बिहार के भागलपुर में महिला उद्यमियों और समाजसेवियों ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर खुशी जाहिर की है। महिलाओं ने कहा कि इससे हम लोगों की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी।
आईएएनएस से बात करते हुए महिलाओं ने उम्मीद जताई कि इस आरक्षण से राजनीति में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ेगी और समाज का समग्र विकास होगा।
एकता कीर्ति ने कहा कि हम लोग काफी खुश हैं। मेरा मानना है कि आरक्षण तभी दिया जाता है, जब इसकी सच्ची जरूरत होती है। इससे कहीं न कहीं महिलाओं को लाभ होगा।
प्रिया सोनी ने कहा कि महिलाओं को यूं तो आरक्षण की जरूरत नहीं है, महिलाओं को अवसर दिए जाने पर हम किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हटतीं। केंद्र सरकार के इस फैसले से हम काफी खुश हैं। हमारी भागीदारी बढ़ेगी, इससे बढ़कर और क्या हो सकता है। महिलाएं आगे बढ़ें, यही हमारी कामना है।
शोभा अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। यह बहुत अच्छा कदम है। पहले महिलाओं को रोक दिया जाता था। अब वे आगे बढ़कर काम करेंगी और अपनी नेतृत्व क्षमता से समाज को राह भी दिखाएंगी।
नीलम अग्रवाल ने कहा कि मुझे लगता है कि यह बहुत ही अच्छा फैसला है। इससे महिलाओं को आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिलेगा। भारत में पहले महिलाओं को ज्यादा मौका नहीं मिलता था, अब मौका मिलेगा तो वे कुछ कर दिखाएंगी। मैं भारत का ऐसा भविष्य चाहती हूं, जहां महिलाओं को आरक्षण की जरूरत ही न पड़े।
लीना ने कहा कि हम महिलाएं हमेशा पुरुष के कंधे से कंधा मिलाकर चलें। अब हमारे कंधे पुरुषों के कंधों की तरह मजबूत होंगे। इस फैसले ने हमें गौरवान्वित महसूस कराया है। हम भागीदारी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। केंद्र सरकार का आभार है कि वह हमें लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण देने जा रही है।