नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में बाढ़ के हालातों पर पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने राज्य और केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नेपाल इनको (भाजपा) याद आ रहा है, लेकिन बिहार को लात मारी जा रही है।
पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में 56 लाख लोग प्रभावित हैं। चुनावों के समय 100 हेलिकॉप्टर दिखाई देते हैं, लेकिन बाढ़ के समय एक भी हेलिकॉप्टर दिखाई नहीं दिया। गरीब आदमी 8-9 दिनों तक भूख रहे हैं। वे पानी पीकर जिंदा रहे हैं। इन लोगों के लिए दो हजार करोड़ रुपए की घोषणा कर देना चाहिए। उनका कर्ज माफ कर दिया जाना चाहिए।
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए बिहार गई केंद्रीय टीम पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने आईएएनएस से कहा, "आज यह एआई और ड्रोन का जमाना है। बिना सही जानकारी के सूखे इलाकों में ट्रैक्टर कौन चलाने गया? हम सब बेनकाब हो गए हैं। मुख्यमंत्री एक दिन पांच मिनट के लिए बाहर निकले थे। 18 दिन बाद भी अहमदाबाद, बरारी और भागलपुर में पानी का स्तर वैसा ही बना हुआ है, सिवाय कुछ इलाकों के। 18 दिन बाद आप वहां गए, दो मिनट के लिए नाव पर बैठे और फोटो खिंचवाई। आपने ट्रैक्टर को केसरिया रंग में रंग दिया, लेकिन आपने क्या देखा? क्या आपने लखीसराय, भागलपुर, अहमदाबाद, बक्सर, निर्मली या सोनपुर देखा?"
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पांच हजार करोड़ रुपए की घोषणा की थी, वह जनता को नहीं मिला है। वो पांच हजार करोड़ रुपए कहां चल गए? बिहार के लिए अनेक घोषणाएं की गईं, लेकिन अब क्या स्थिति है। नेपाल इनको याद आ रहा है, लेकिन बिहार को क्यों लात मारी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा के 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम पर भी पप्पू यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारी उत्सव मनाने की परंपरा यह पहली घटना है। इससे लोग आक्रोशित हैं और उन्होंने आलोचना की है। मेरा मानना है कि इससे गलत संदेश गया है।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर उन्हें (भाजपा) को रोजगार या किसान मेला लगवाना चाहिए था। महंगाई कम कर देना चाहिए थी।
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