नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा के पूर्व सांसद अशोक वाजपेयी ने कांग्रेस पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले से निपटने के तरीके की आलोचना की और कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर संसदीय प्रक्रिया के जरिए फैसला होना चाहिए।
अयोध्या में कांग्रेस यूपी के अध्यक्ष अजय राय के स्वागत समारोह के दौरान आयोजित मछली दावत पर अशोक वाजपेयी ने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अयोध्या धर्म नगरी है। यह मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्मभूमि है, और देश भर के करोड़ों हिंदुओं की आस्था इससे गहराई से जुड़ी है। यह सावन का पवित्र महीना है। इस महीने में कई लोग रुद्राभिषेक करते हैं, और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का अयोध्या आकर मछली की दावत में शामिल होना, इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है? इससे साफ पता चलता है कि अयोध्या के प्रति कांग्रेस नेताओं का क्या नजरिया है?"
उन्होंने कहा कि अजय राय के काम से पता चलता है कि वह सनातन के प्रति कितना सम्मान का भाव रखते हैं। कांग्रेस लंबे समय से तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है और जिसके चलते कई विवाद पैदा हो गए। वोट बैंक की राजनीति के चलते कांग्रेस सनातनधर्मियों और हिंदू धर्मावलंबियों को ठेस पहुंचाने का काम करती है। कांग्रेस को इस तरह से अयोध्या में मछली दावत करने वाले नेताओं-कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल देना चाहिए।
सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताने पर कांग्रेस में घमासान मचा है। दीपेंद्र हुड्डा को हटाने की मांग करते हुए पूर्व स्पीकर ने पार्टी अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इस पर भाजपा नेता ने मांग को सही ठहराते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 1984 के दंगे में सैकड़ों सिख की हत्या की गई थी। आज भी जब उस दंगे की याद आती है तो मन सिहर उठता है। उसके लिए दोषी, जिसका पूरा जीवन जेल में बीता, उसके मरने पर कांग्रेस की सहानुभूति से स्पष्ट होता है कि पार्टी के नेताओं की सोच किस तरीके की है। सज्जन कुमार सिख दंगे में हुए नरसंहार का सबसे बड़ा गुनहगार था।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर अशोक वाजपेयी ने कहा, "जब दिल्ली में विरोध प्रदर्शन हो रहा था तो राहुल गांधी ने बहुत बड़ी-बड़ी बातें की थीं, लेकिन बाद में जब झारखंड में छात्र लगातार भूख हड़ताल कर रहे थे, यहां तक कि आमरण अनशन और संघर्ष कर रहे थे, तब उनकी तरफ से सहानुभूति का एक शब्द भी नहीं आया। क्या झारखंड के छात्र छात्र नहीं थे?"
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सोचते हैं कि इस तरह की सतही राजनीति कर देश के युवाओं का मन जीत लेंगे। भारत का नौजवान समझदार और सूझबूझ वाला है। युवा राहुल गांधी के सस्ते-सस्ते हथकंडों से प्रभाव में आने वाले नहीं हैं।
भाजपा नेता अशोक वाजपेयी ने आरक्षण खत्म करने को लेकर छात्र प्रदर्शन पर कहा कि एक संवैधानिक प्रक्रिया के तहत पार्लियामेंट चलने के दौरान पक्ष-विपक्ष को इस पर चर्चा करनी चाहिए, तब इस मुद्दे पर कोई बात हो सकती है।
--आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी







