Today News: अगर कांग्रेस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को पीआर स्टंट मानती तो खुद नाम नहीं देती : अनिल शास्त्री

अनिल शास्त्री ने सेना की वीरता की सराहना की, कहा- कांग्रेस देशहित में हर मुद्दे पर साथ
अगर कांग्रेस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को पीआर स्टंट मानती तो खुद नाम नहीं देती : अनिल शास्त्री

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते और कांग्रेस नेता अनिल शास्त्री ने सोमवार को कहा कि भारतीय सेना ने हमेशा ही अपनी वीरता का परिचय दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस को लगता कि विदेश में प्रतिनिधिमंडल भेजना पीआर स्टंट है, तो वह इसके लिए अपने नेताओं के नाम नहीं देती।

अनिल शास्त्री ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "पहलगाम में पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर मारा गया था। हमारी सेना ने उसका बदला लिया और पाकिस्तान को सबक सिखाया। मुझे पूरी उम्मीद है कि अगर फिर ऐसा कुछ होता है तो हमारी फौज पूरी ताकत से उसका जवाब देगी। 1965 की लड़ाई हो, 1971 की लड़ाई हो, कारगिल की लड़ाई हो, हर बार हमारी सेना ने वीरता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है और इसके लिए हमेशा प्रशंसा होती रही है। सेना की वजह से हमारी सरहद सुरक्षित है।"

 

अनिल शास्त्री ने कहा कि पाकिस्तान के घर में घुसकर अटैक करना कोई साधारण घटना नहीं है। पाकिस्तान भी परमाणु संपन्न देश है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री को सेना पर भरोसा था। यह तभी संभव हो पाया।"

 

पाकिस्तान पर हुई कार्रवाई पर शशि थरूर की मुखरता पर शास्त्री ने कहा, "पाकिस्तान के खिलाफ हुई कार्रवाई में सिर्फ शशि थरूर ही नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी देश के साथ है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सर्वदलीय बैठक में यह बात स्पष्ट कर दी थी।"

 

उन्होंने कहा, "जब भी कोई लड़ाई होती है तो फौज ही बताती है कि हमें कितना नुकसान हुआ है और विपक्षी सेना को कितना नुकसान हुआ है। अगर राहुल गांधी नुकसान और उपलब्धि से संबंधित सवाल उठा रहे हैं, तो इसे देने में सरकार को हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। वह देश के लिए ही मांग रहे हैं।"

 

शास्त्री ने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी को ऐसा लगता कि 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता को बताने के लिए दुनिया के दूसरे देशों में प्रतिनिधिमंडल भेजना पीआर स्टंट है, तो फिर वह खुद सांसदों का नाम नहीं देती। यह सरकार का प्रतिनिधिमंडल है और सरकार ही यह तय करेगी कि इसमें कौन शामिल होगा। राजीव गांधी ने जब विदेश में प्रतिनिधिमंडल भेजा था, तो उसमें अटल बिहारी वाजपेयी भी शामिल थे। कांग्रेस को दिक्कत होती, तो वह अपने सांसदों को मना कर सकती थी।

 

कांग्रेस नेता ने 2029 लोकसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति पर कहा, "सबसे पहले कांग्रेस को संगठन मजबूत करना होगा। इसके बाद जन कल्याण के वे काम, जिन्हें करने में भारतीय जनता पार्टी विफल रही है, उसे जनता के बीच ले जाना होगा। अगर ऐसा कर पाती है, तो अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की स्थिति बेहतर होगी। बेहतर प्रदर्शन के लिए पार्टी को युवा, मेहनती और तेज तर्रार नेताओं को संगठन में जगह देनी होगी।"