शरद पवार और अजीत पवार की पार्टी के विलय की जानकारी नहीं : अनिल देशमुख

अनिल देशमुख ने NCP विलय की जानकारी न होने की बात कही, हादसे और नक्सलवाद पर जताई चिंता।
शरद पवार और अजीत पवार की पार्टी के विलय की जानकारी नहीं : अनिल देशमुख

नागपुर: महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि शरद पवार और अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के विलय के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए अनिल देशमुख ने कहा, "शरद पवार और अजीत पवार की पार्टी के विलय की सूचना अभी तक मेरे पास नहीं आई है। सुप्रिया सुले ने सिर्फ इतना कहा है कि हम कार्यकर्ताओं की बात सुनेंगे कि वे इस मुद्दे पर क्या कहना चाहते हैं। लोकतंत्र में सबकी बात सुनी जानी चाहिए, यही प्रक्रियाहै।"

अनिल देशमुख शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी का हिस्सा हैं।

महाराष्ट्र स्थानीय चुनाव को लेकर चर्चा है कि शरद पवार और अजीत पवार एक साथ आ सकते हैं। फिलहाल शरद पवार की एनसीपी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है, जबकि अजीत पवार एनडीए का हिस्सा हैं और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री हैं।

मुंब्रा रेलवे स्टेशन पर हुए लोकल ट्रेन हादसे पर देशमुख ने कहा, "मुंबई में लोकल ट्रेन में जो घटना हुई, जिसमें 6 लोगों के मरने की खबर है, काफी दुखद है। इसकी जल्द से जल्द जांच होनी चाहिए। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। हर साल ऐसी दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। पिछले साल लगभग पच्चीस सौ लोगों की मौत हुई थी। हर साल प्रवासियों की संख्या बढ़ रही है। यह भी ऐसी दुर्घटनाओं का कारण है। बहुत से लोग ट्रेन के दरवाजे और खिड़की पर लटक कर यात्रा करते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। मेट्रो की तरह लोकल ट्रेनों में गेट बंद हो जाने की व्यवस्था होनी चाहिए।"

सुकमा में हुए नक्सली हमले पर उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, आंध प्रेदश तीनों राज्यों की सीमा जुड़ी हुई है। सीमा पर नक्सली गतिविधियां चलती रहती हैं। तीनों राज्यों की सरकारों को इस समस्या के समाधान के लिए एक साथ आना होना और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। छत्तीसगढ़ के नक्सली महाराष्ट्र में किसी घटना को अंजाम देकर भाग जाते हैं। उन्हें पकड़ने में महाराष्ट्र पुलिस को दिक्कत आती है। इसलिए तीनों राज्यों को एक साथ आना होगा। तभी, सीमा पर नक्सलवाद को समाप्त किया जा सकता है। महाराष्ट्र में नक्सलवाद धीरे-धीरे कम हुआ है।"