Darjeeling Gorkha Issues : ममता सरकार ने दार्जिलिंग हिल्स के मुद्दों पर चर्चा करने से किया इनकार: अमित शाह

दार्जिलिंग में अमित शाह का दावा, भाजपा सरकार बनते ही गोरखा समस्याओं का होगा समाधान
ममता सरकार ने दार्जिलिंग हिल्स के मुद्दों पर चर्चा करने से किया इनकार: अमित शाह

कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि पिछले डेढ़ साल में उत्तर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और कुर्सेओंग की पहाड़ियों में रहने वाले लोगों के मुद्दों और वहां रहने वाले गोरखाओं की मांगों पर चर्चा करने के लिए बैठक के तीन प्रस्तावों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने खारिज कर दिया।

बुधवार सुबह उन्हें दार्जिलिंग के लेबोंग ग्राउंड में एक पब्लिक मीटिंग करनी थी लेकिन खराब मौसम की वजह से उनका हेलीकॉप्टर वहां लैंड नहीं कर सका, इसलिए पब्लिक रैली में सात मिनट का एक वीडियो मैसेज चलाया गया।

गृह मंत्री अमित शाह ने वीडियो मैसेज में कहा कि मैंने पिछले डेढ़ साल में पहाड़ियों और गोरखाओं के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तीन बार मीटिंग की बात की लेकिन ममता बनर्जी ने इस मामले पर चर्चा करने के लिए अपना कोई प्रतिनिधि नई दिल्ली नहीं भेजा। वह नहीं चाहतीं कि दार्जिलिंग में रहने वाले गोरखाओं को न्याय और उनके जायज अधिकार मिलें।

गृह मंत्री ने कहा कि आप चिंता न करें। 5 मई को राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद, हमारा पहला काम गोरखाओं की समस्याओं को हल करना होगा। गोरखालैंड आंदोलन को लेकर गोरखाओं के खिलाफ पहले दर्ज की गई सभी शिकायतें और केस वापस ले लिए जाएंगे।

बैठक में न पहुंच पाने का अफसोस जताते हुए उन्होंने कहा कि वह 21 अप्रैल को फिर से दार्जिलिंग जिले के सुकना आएंगे, जो 23 अप्रैल को होने वाले दो फेज के पहले चुनाव के कैंपेन का आखिरी दिन होगा। उन्होंने कहा कि मैं पिछले कुछ दिनों से राज्य में घूम रहा हूं। मेरा अनुभव कहता है कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत पक्की है। तब गैरकानूनी घुसपैठ, भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के दिन खत्म हो जाएंगे।

--आईएएनएस