कोलकाता: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का दावा किया है। रिंकी चटर्जी सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ दो अलग-अलग कारणों से एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत लेने से इनकार कर दिया।
रिंकी चटर्जी सिंह ने आईएएनएस से बताया कि पहला मामला वर्ष 2025 का है। कोलकाता के रेड रोड पर ईद की नमाज का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने मुस्लिम रीति-रिवाजों का पालन किया और सार्वजनिक मंच से हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की।
अधिवक्ता का दावा है कि इस बयान से वह बेहद आहत हुईं और शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रधाननगर थाने पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने उनकी शिकायत स्वीकार नहीं की और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया। रिंकी चटर्जी सिंह ने कहा कि उन्होंने लिखित शिकायत और आवेदन पत्र सौंपने की कोशिश की, लेकिन पुलिस अधिकारी ने उसे लेने से इनकार कर दिया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जब उन्होंने इस कार्रवाई का कारण पूछा और वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, तब भी पुलिस अधिकारी ने शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया। रिंकी चटर्जी सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें यह महसूस कराया गया कि अगर किसी सत्ताधारी दल के नेता या मंत्री के खिलाफ शिकायत हो, तो पुलिस कार्रवाई करने से बचती है।
अधिवक्ता ने दावा किया कि यह पहली बार नहीं है जब उनकी शिकायत नहीं ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी कई तृणमूल कांग्रेस नेताओं के विवादित बयानों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन हर बार उन्हें निराशा हाथ लगी।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं पर हिंदू धर्म और देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक बयान देने के आरोप लगाए। रिंकी चटर्जी सिंह ने कहा कि जब-जब उन्होंने इन मामलों में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, तब-तब उन्हें अपमानित किया गया और शिकायत दर्ज नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि वह पेशे से एक अधिवक्ता हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें खुद को असहाय महसूस करना पड़ा। उनका आरोप है कि सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना बेहद मुश्किल बना दिया गया है।
रिंकी चटर्जी सिंह ने यह भी बताया कि इस साल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुए एक विरोध सभा के बयान को लेकर भी उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया है। हालांकि, इस मामले में भी पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।