नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत को लेकर विपक्षी दल हमलावर है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को कहा कि नौकरशाह को नहीं, पीएम मोदी को स्वयं इस पर जवाब देना चाहिए।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री के बयान पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश माना जाता है और उनके राष्ट्रपति ने एक बार नहीं, बल्कि 11 बार खुलेआम कहा है कि उन्होंने दोनों पक्षों (भारत-पाकिस्तान) को युद्ध रोकने के लिए राजी किया, उन्होंने मध्यस्थता की, नहीं तो बहुत बड़ा युद्ध छिड़ जाता। ट्रंप के इस बयान पर हमारे प्रधानमंत्री ने अभी तक कुछ नहीं कहा है। इस पर भारत सरकार के 'बाबू' (अधिकारी) इस तरह के बयान क्यों दे रहे हैं? जब अमेरिका के राष्ट्रपति खुद बयान देते हैं, कोई नौकरशाह या सचिव नहीं, तो हमारे प्रधानमंत्री के लिए उचित होगा कि वह इसका जवाब दें और सीधे तौर पर इसे खारिज करें। अमेरिका के किसी बाबू ने नहीं बल्कि राष्ट्रपति ने मध्यस्थता की बात को खुद कहा है, मुनासिब होता कि इस पर पीएम मोदी को पलटवार करते हुए जवाब देते।"






