नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने सरकार पर निशाना साधा है। 'आप' के नेता और विधायक संजीव झा तथा कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने दिल्ली में बढ़ते अपराधों को लेकर 'चार इंजन की सरकार' को पूरी तरह विफल बताया।
नेताओं का आरोप है कि दिल्ली अब अपराधियों की राजधानी बनती जा रही है और आम नागरिक भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। संजीव झा ने कहा कि सिर्फ जनवरी महीने में ही दिल्ली में 40 से ज्यादा हत्याएं हो चुकी हैं, जबकि फायरिंग, मारपीट, लूट और महिलाओं से छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो गई हैं। उन्होंने दावा किया कि अपराधी पूरी तरह बेखौफ हैं और पुलिस या कानून का उन्हें कोई डर नहीं रह गया है।
संजीव झा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास के पास 'आप' की कार्यकर्ता रचना यादव की दिनदहाड़े हुई हत्या का हवाला देते हुए कहा कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के निर्वाचित जनप्रतिनिधि लगातार दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिलकर कानून-व्यवस्था पर चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन बार-बार पत्र लिखने के बावजूद मिलने का समय नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जहां सरकार की आलोचना करने पर 'आप' नेताओं पर एफआईआर दर्ज कर दी जाती है, वहीं बढ़ते अपराधों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। संजीव झा ने शालीमार बाग की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वहां एक आरडब्ल्यूए प्रधान की हत्या कर दी गई, जो अपने पहले पति की हत्या की गवाह थीं।
उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि अपराधी न सिर्फ आम लोगों बल्कि गवाहों को भी निशाना बना रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में अपराधियों के रसूखदार नेताओं से संबंध सामने आ रहे हैं, जिससे अपराध पर लगाम नहीं लग पा रही है।
इसके बाद विधायक कुलदीप कुमार ने सिलसिलेवार तरीके से जनवरी महीने में हुई हत्याओं और हिंसक घटनाओं का विवरण दिया। उन्होंने नरेला, सुल्तानपुरी, मंगोलपुरी, आजादपुर, शालीमार बाग, निहाल विहार, वेलकम, प्रशांत विहार, रोहिणी, गीता कॉलोनी और कल्याणपुरी सहित कई इलाकों में हुई हत्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस थानों के पास तक चाकू गोदकर हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रंगदारी और फिरौती का चलन तेजी से बढ़ रहा है और व्यापारी धमकियों से डरे हुए हैं।
कुलदीप कुमार ने सवाल उठाया कि जब दिल्ली पुलिस, उपराज्यपाल, गृह मंत्री और केंद्र सरकार सभी भाजपा के नियंत्रण में हैं, तो फिर अपराध क्यों नहीं रुक रहे? उन्होंने पूछा कि क्या सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है या फिर उसकी सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। दोनों नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली सरकार से मांग की कि राजधानी में तुरंत प्रभाव से सख्त कदम उठाए जाएं, पुलिस गश्त और नाकेबंदी बढ़ाई जाए तथा महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
--आईएएनएस
