मुंबई: असम के लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में असम पुलिस आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पूर्व मैनेजर तरसेम मित्तल से पूछताछ की। दरअसल, इस मामले से जुड़े कई सवाल अभी बरकरार हैं। ऐसे में जांच एजेंसियां उन सवालों का जवाब ढूंढने के लिए गहनता से जांच कर रही हैं।
शुरुआती रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि सिंगापुर के मृत्यु प्रमाण पत्र में जुबीन गर्ग की मौत का कारण 'डूबना' बताया गया था। हालांकि, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने साफ किया कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि इसमें हत्या की साजिश शामिल है। इसके बाद मामले की जांच और तेज कर दी गई। एसआईटी और सीआईडी ने गायक के पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन के सभी पहलुओं पर जांच शुरू की।
जुबीन गर्ग के पेशेवर जीवन में उनके मैनेजर और नजदीकी सहयोगियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण पाई गई। उनके लंबे समय तक काम करने वाले मैनेजर तरसेम मित्तल को अधिकारियों ने तलब किया। शुक्रवार को वह बयान दर्ज करने के लिए कार्यालय में पेश हुए।
तरसेम मित्तल को इस मामले में इसलिए तलब किया गया क्योंकि उन्होंने जुबीन के पेशेवर मामलों को लंबे समय तक संभाला और अपने बाद मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा को भी सिफारिश के जरिए टीम में शामिल कराया था।
सिद्धार्थ शर्मा अब न्यायिक हिरासत में हैं। जांचकर्ता मानते हैं कि मित्तल और शर्मा के बीच संबंध से जुबीन के मैनेजमेंट और वित्तीय लेन-देन की जांच में अहम सुराग मिल सकते हैं।
जुबिन गर्ग का दो बार पोस्टमार्टम हुआ। एक सिंगापुर में और दूसरा गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में। दोनों रिपोर्ट अब असम पुलिस की सीआईडी और जुबिन की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग के पास हैं।
जुबीन गर्ग सितंबर में होने वाले नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शामिल होने के लिए सिंगापुर गए थे, लेकिन फेस्टिवल से एक दिन पहले यानी 19 सितंबर को स्कूबा डाइविंग के दौरान उनकी मौत हो गई। उनका अंतिम संस्कार असम की राजधानी गुवाहाटी के कमरकुची एनसी गांव में किया गया था। उनके पार्थिव शरीर को अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से श्मशान घाट लाया गया था, जहां हजारों लोग जमा हुए। जुबीन को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई थी।