Zoya Afroz Religion Experience : मेरे करियर में मेरा धर्म कभी बाधा नहीं बना- जोया अफरोज

जोया आफरोज ने इंडस्ट्री में धर्म आधारित भेदभाव को खारिज किया।
 मेरे करियर में मेरा धर्म कभी बाधा नहीं बना- जोया अफरोज

मुंबई: अभिनेत्री जोया आफरोज इन दिनों वेब सीरीज तस्करी को लेकर सुर्खियां बटोर रही हैं। उन्होंने हाल ही में बताया कि इंडस्ट्री धर्म को लेकर कभी भेदभाव नहीं करती है।

अभिनेत्री ने हाल ही में फिल्म 'गांधी टॉक्स' की स्क्रीनिंग में शिरकत की थी। इस साइलेंट फिल्म का संगीत मशहूर संगीतकार ए. आर. रहमान ने दिया है। स्क्रीनिंग के दौरान अभिनेत्री ने आईएएनएस से बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने ए. आर. रहमान के 'कम्युनल' वाले बयान को सिरे से नकारते हुए कहा कि उनके धर्म के होने के बावजूद अभिनेत्री को फिल्म इंडस्ट्री में अब तक धर्म के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव झेलना नहीं पड़ा।

जोया ने कहा, "मेरा पर्सनल अनुभव अब तक ऐसा नहीं रहा है, और मुझे उम्मीद है कि आगे भी ऐसा नहीं होगा। हमारे देश में हम एकता और विविधता का जश्न मनाते हैं। मुझे लगता है कि हमें यही भावना हमेशा बनाए रखनी चाहिए।"

जोया ने आगे फिल्मों की सामाजिक जिम्मेदारी पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "फिल्में समाज का आईना होती हैं; वे जिंदगी को वैसा ही दिखाती हैं, जैसा है। अगर कोई फिल्म बच्चों के लिए नहीं है, तो उन्हें नहीं दिखानी चाहिए। इसीलिए सर्टिफिकेशन सिस्टम है। मुझे लगता है कि इसे ऐसे ही रखना चाहिए।"

'गांधी टॉक्स' की बात करें तो यह फिल्म गांधी जी की तस्वीर को नोटों पर देखने और उनके आदर्शों के बीच के फर्क की कहानी को दिखाती है। इसकी कहानी एक ऐसे युवा व्यक्ति के ईर्द-गिर्द घूमती है, जो पैसों के लिए संघर्ष करता है। उसकी जिंदगी में एक चोर की एंट्री होती है और यहीं से कहानी एक नया मोड़ लेती है। फिल्म व्यंग्य के जरिए समाज और मूल्यों पर सवाल उठाती है।

किशोर बेलेकर द्वारा निर्देशित फिल्म में अदिति राव हैदरी, विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी और सिद्धार्थ जाधव जैसे अनुभवी कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं।

--आईएएनएस

 

 

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