Sakeena Jaffri Biography : राजनीतिक और प्रशासनिक किरदारों की पहचान बनीं सकीना जाफरी, हर गंभीर रोल में छोड़ी गहरी छाप

सकीना जाफरी के मजबूत रोल्स में सत्ता और संवेदनशीलता का संगम
राजनीतिक और प्रशासनिक किरदारों की पहचान बनीं सकीना जाफरी, हर गंभीर रोल में छोड़ी गहरी छाप

मुंबई: अमेरिकी अभिनेत्री सकीना जाफरी ने अपने करियर में ऐसे किरदार चुने, जिनके जरिए सत्ता, सिस्टम और समाज की गंभीर सच्चाइयों को सामने रखा जा सके। यही वजह है कि उन्हें राजनीतिक, मेडिकल और प्रशासनिक जैसे मजबूत किरदारों में ज्यादा देखा गया।

सकीना जाफरी का जन्म 14 फरवरी 1962 को न्यूयॉर्क में हुआ और वह मशहूर अभिनेता सईद जाफरी और लेखिका व शेफ मधुर जाफरी की बेटी हैं। फिल्मी परिवार से होने के बावजूद उनका रास्ता कभी भी आसान नहीं रहा। उनका झुकाव शुरू में पढ़ाई और भाषाओं की ओर था, लेकिन थिएटर से जुड़ने के बाद अभिनय उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गया। यही थिएटर की ट्रेनिंग आगे चलकर उनके अभिनय में ठहराव और गंभीरता लेकर आई।

सकीना जाफरी की सबसे बड़ी पहचान तब बनी, जब उन्होंने नेटफ्लिक्स की चर्चित सीरीज 'हाउस ऑफ कार्ड्स' में व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ लिंडा वास्केज का किरदार निभाया। यह रोल सत्ता के बेहद करीब रहने वाले एक ऐसे व्यक्ति का था, जो फैसले भी करता है और उनके नतीजों की जिम्मेदारी भी उठाता है।

सकीना ने इस किरदार को न तो जरूरत से ज्यादा सख्त बनाया और न ही कमजोर, बल्कि एक संतुलित अफसर के रूप में पेश किया। यही कारण है कि उनका किरदार दर्शकों के दिमाग में लंबे समय तक रहा।

इसके बाद 'टाइमलेस' में उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी एजेंट डेनिस क्रिस्टोफर की भूमिका निभाई। उनका यह किरदार जिम्मेदारी, देश की सुरक्षा और सही-गलत के बीच खड़े फैसलों पर टिका हुआ था। उन्होंने इस किरदार को सधे हुए और सरल अंदाज में निभाया। एक बार को तो दर्शकों को लगा कि वह सच में एक सरकारी अधिकारी हैं।

सिर्फ राजनीति और प्रशासन ही नहीं, मेडिकल रोल्स में भी सकीना जाफरी की मौजूदगी मजबूत रही है। कई फिल्मों और सीरीज में उन्होंने डॉक्टर और प्रोफेशनल महिलाओं के किरदार निभाए, जहां संवेदनशीलता और समझ सबसे जरूरी होती है। इन किरदारों में भी उन्होंने भावनाओं को सच्चाई के साथ पेश किया।

सकीना जाफरी की खास बात यह रही कि उन्होंने अपने किरदार से कहानी को आगे बढ़ाया है। इसी वजह से उन्हें ऐसे रोल बार-बार मिले, जिन पर दर्शक भरोसा कर सकें। उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस इतनी सहज होती है कि वह सिस्टम का हिस्सा लगने लगती हैं।

--आईएएनएस

 

 

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