Rahi Anil Barve : 'मायासभा' की कहानी में सिर्फ सस्पेंस ही नहीं, हर फ्रेम में छिपा हुआ है एक अर्थ : राही अनिल बर्वे

'मायासभा' में रहस्य और भावनाओं का जाल, राही अनिल बर्वे की नई फिल्म चर्चा में।
'मायासभा' की कहानी में सिर्फ सस्पेंस ही नहीं, हर फ्रेम में छिपा हुआ है एक अर्थ : राही अनिल बर्वे

मुंबई: बॉलीवुड और इंडिपेंडेंट सिनेमा में ऐसे निर्देशक कम ही होते हैं, जो अपनी फिल्मों में सिर्फ दृश्य ही नहीं, बल्कि अर्थ और भावनाओं का जाल भी बुनते हैं। इसी कड़ी में अब 'तुम्बाड' के निर्देशक राही अनिल बर्वे अपनी आने वाली फिल्म 'मायासभा' को लेकर काफी चर्चाओं में हैं।

'मायासभा' में कहानी और सस्पेंस के जरिए दर्शकों को ऐसे रहस्यमय और दिलचस्प पलों का अनुभव मिलेगा, जिन्हें वे सिर्फ स्क्रीन पर नहीं, बल्कि अपने असल जीवन में भी महसूस करेंगे।

फिल्म में जावेद जाफरी, मोहम्मद समद, वीणा जामकर और दीपक दामले मुख्य भूमिकाओं में हैं।

राही अनिल बर्वे ने कहा, "यह फिल्म इंसानी रिश्तों और उन भ्रमों पर ध्यान आकर्षित करती है जो हमारी जिंदगी और सोच को आकार देते हैं। यह फिल्म दर्शकों को महसूस करने का मौका देती है। फिल्म का मुख्य आकर्षण इसकी गहराई और रहस्यपूर्ण कहानी है, जो पहली नजर में जितनी सरल दिखती है, उतनी ही जटिल और खतरनाक होती है।"

थिएटर में रिलीज होने से पहले, राही अनिल बर्वे की नई फिल्म 'मायासभा' ने फिल्म फेस्टिवल्स में काफी सराहना पाई है। इसे थर्ड एशियन फिल्म फेस्टिवल में 11 जनवरी को स्पेशल स्क्रीनिंग के तौर पर पेश किया जाएगा। इसके बाद, यह फिल्म पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 में भी दिखाई जाएगी, जहां इसे भारतीय सिनेमा के तहत चयनित किया गया है। इस तरह यह फिल्म रिलीज से पहले ही आलोचक और दर्शकों के बीच चर्चा का केंद्र बन गई है।

राही अनिल बर्वे ने फिल्म के बारे में कहा, '''तुम्बाड' के बाद 'मायासभा' मेरी दूसरी फिल्म है। इस बार मैंने अपनी कहानी को और अधिक रहस्यमय और गहरी बनाया है। इस फिल्म में दर्शकों को ऐसे सच और शक्ति के ढांचे दिखाई जाएंगे, जो पहले देखने पर जितने सरल लगते हैं, उतने ही खतरनाक हैं। फिल्म का मकसद सिर्फ डर या रोमांच पैदा करना नहीं है, बल्कि दर्शकों को सोचने, महसूस करने और प्रतीकों को समझने के लिए प्रेरित करना है।''

राही ने कहा, ''मैंने फिल्म के विजुअल्स पर बहुत काम किया है। मैं चाहता था कि फिल्म का अनुभव रोमांचक, गहरा और दर्शकों को पूरी तरह डुबा देने वाला हो, जहां हर फ्रेम में कहानी और अर्थ दोनों मौजूद हों। फिल्म में जहां रोमांच है, वहीं विचारों की गहराई भी है। कभी-कभी चुप्पी भी बातों से भी ज्यादा असर डालती है।''

'मायासभा' जिरकोन फिल्म्स के बैनर तले बनी है। फिल्म के प्रोड्यूसर गिरीश पटेल और अंकुर जे. सिंह हैं। यह फिल्म 30 जनवरी को रिलीज होगी।