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Rahat Fateh Ali Khan Journey : सूफी कव्वाली से लेकर पॉप हिट्स तक: राहत फतेह अली खान ने आवाज के जादू से पाया अलग मुकाम

राहत फतेह अली खान—सूफी सुरों से बॉलीवुड तक का जादुई सफर
सूफी कव्वाली से लेकर पॉप हिट्स तक: राहत फतेह अली खान ने आवाज के जादू से पाया अलग मुकाम

मुंबई: राहत फतेह अली खान की आवाज में एक जादू है, जो सुनने वालों के दिलों को छू लेता है। उनकी संगीत यात्रा केवल पारंपरिक सूफी कव्वाली तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने बॉलीवुड, पॉप और फिल्मी साउंडट्रैक के जरिए भी लोगों को अपना दीवाना बनाए रखा। राहत के गानों में हर उम्र और हर देश के लोग खो जाते हैं।

उनकी आवाज में क्लासिकल की गहराई और पॉप की मिठास दोनों झलकती हैं, जो उन्हें अन्य गायकों से अलग बनाती है।

राहत फतेह अली खान का जन्म 9 दिसंबर 1974 को पाकिस्तान के फैसलाबाद में हुआ। उनका परिवार कव्वाली और सूफी संगीत के लिए प्रसिद्ध है। उनके पिता फर्रुख फतेह अली खान और दादा फतेह अली खान भी बड़े कव्वाल थे, लेकिन सबसे ज्यादा नाम उनके चाचा नुसरत फतेह अली खान ने कमाया।

बचपन से ही राहत का संगीत के प्रति खास झुकाव था। महज तीन साल की उम्र में वह अपने पिता और चाचा के साथ मंच पर प्रदर्शन करने लगे। सात साल की उम्र में उन्होंने अपने चाचा नुसरत फतेह अली खान से नियमित संगीत की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी।

नौ साल की उम्र में राहत ने अपने दादा की पुण्यतिथि पर पहली बार सार्वजनिक रूप से गाया। पंद्रह साल की उम्र तक वह अपने चाचा के प्रसिद्ध कव्वाली समूह का हिस्सा बन गए। 1995 में उन्होंने अपने चाचा और पिता के साथ हॉलीवुड फिल्म 'डेड मैन वॉकिंग' के साउंडट्रैक में काम किया। यह उनकी अंतर्राष्ट्रीय संगीत यात्रा की शुरुआत थी। राहत का संगीत केवल पारंपरिक कव्वाली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने धीरे-धीरे बॉलीवुड की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई।

राहत फतेह अली खान ने 2003 में फिल्म 'पाप' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। इस फिल्म में उन्होंने 'लागी तुझसे मन की लगन' गाया, जो हिट हुआ। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में अपनी आवाज दी, जिनमें 'तेरे मस्त मस्त दो नैन', 'सजदा', 'आज दिन चढ़ेया', 'ओ रे पिया', और 'आफरीन-आफरीन' शामिल हैं। इन गानों में राहत की आवाज की गहराई और भावनात्मक मिठास दोनों महसूस हुई। यही वजह है कि क्लासिकल संगीत की पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने पॉप और फिल्मी साउंडट्रैक में भी अपनी अलग पहचान बनाई।

राहत ने अपनी संगीत यात्रा में कई पुरस्कार भी जीते हैं। उन्होंने लक्स स्टाइल अवार्ड्स, यूके एशियन म्यूजिक अवार्ड्स, फिल्मफेयर और आईफा पुरस्कारों में नामांकन और जीत हासिल की। 2019 में उन्हें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट ऑफ म्यूजिक की मानद उपाधि भी मिली।

उनकी अंतर्राष्ट्रीय लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने वेम्बली और मैनचेस्टर एरिना जैसे बड़े स्टेडियमों में परफॉर्म किया।

--आईएएनएस