पछतावा या ग्लानि की मेरी जिंदगी में कोई जगह है: अभिनेता आदिल हुसैन

पछतावा या ग्लानि की मेरी जिंदगी में कोई जगह है: अभिनेता आदिल हुसैन

मुंबई, 26 जुलाई (आईएएनएस)। अभिनेता आदिल हुसैन की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी’ काफी भावुक करने वाली है। यह फिल्म आपकी आंखें नम कर देगी। उन्होंने खुद के सीखने की क्षमता को लेकर बात की है।

फिल्म के प्रमोशन के दौरान आईएएनएस से ​​बातचीत करते हुए आदिल हुसैन ने कहा था कि वह पछतावा या ग्लानि, इन दो खास भावनाओं का सामना करते हुए भी हिम्मत नहीं हारते है। किसी भी इंसान पर इसका बहुत बड़ा असर पड़ता है।

अभिनेता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा था, “मुझे न तो कोई पछतावा है और न ही कोई ग्लानि, क्योंकि मैं अतीत में नहीं जीना चाहता। यह बात मैंने अभिनय के दौरान सीखी थी। एक बार अभिनय करते समय मैं अचानक रुक गया, तो मुझसे कहा गया, 'यह ठीक से नहीं हो पा रहा है।' उस समय मैंने घबराकर कहा, 'हे भगवान, मुझे बहुत खेद है।' इस पर उन्होंने मुझसे कहा, 'आदिल, माफी मत मांगो। तुम्हें अपनी गलती का अहसास हो गया है, यही काफी है। अब अतीत की भूलों पर पछताने के बजाय आगे देखो और उसे सुधारने का प्रयास करो।'”

उन्होंने कहा कि इसलिए मुझे नहीं लगता कि पछतावा या ग्लानि की मेरी जिंदगी में कोई जगह है। उन्होंने आगे बताया कि वह अपनी गलतियों से सीखने और उन एरिया को ठीक करने पर ध्यान देते हैं जिनमें सुधार की जरूरत है।

उन्होंने आगे कहा, “मुझे अपनी गलती से सीखना चाहिए। आत्मग्लानि तब होती है जब आप जरूरत से ज्यादा समय तक अपनी गलती में रहते हैं। अगर आपने काफी प्रैक्टिस की है तो आप एक या दो सेकंड के लिए अपने पछतावे में रह सकते हैं। नहीं तो, मैंने लोगों को ग्लानि में रहते और फिर अपनी जिंदगी बर्बाद करते देखा है। और फिर डिप्रेशन में जाते देखा है। यह आसान है, मैं जो कह रहा हूं, लेकिन प्रैक्टिस करना आसान नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे यह पता है। मुझे इसके बारे में ज्यादा नहीं पता। मैं सैकड़ों गलतियां करता हूं। मैं इसे देखता हूं और आगे बढ़ने की कोशिश करता हूं, ताकि मैं वही गलती दोबारा न करूं।”

--आईएएनएस

एसडी/एएस