चंडीगढ़, 19 सितंबर (आईएएनएस)। हरियाणवी इनोवेटिव फिल्म एसोसिएशन (हाइफा) ने हरियाणा के रोहतक की सुपवा यूनिवर्सिटी में दो दिन के हाइफा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया, जिसमें बॉलीवुड एक्टर यशपाल शर्मा शामिल हुए। अभिनेता ने शनिवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए अवार्ड समारोह को लेकर कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करना बहुत जरूरी है।
ऐसे आयोजनों में देश-विदेश की फिल्मों के साथ-साथ हरियाणवी फिल्मों को भी दिखाया जा रहा है। इससे युवा कलाकारों को अलग-अलग तरह के सिनेमा को देखने और उससे सीखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के कलाकारों के लिए ऐसे मंच प्रतिभा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में अवार्ड समारोह बहुत जरूरी है। ऐसा नहीं है कि हरियाणा में पहली बार कोई अवार्ड शो हो रहा है। यह पहले से ही होता आ रहा है। हाइफा का यह प्रथम वर्ष, जिसे बहुत धूमधाम के साथ सुपवा में मनाया जा रहा है। हाइफा में देश-विदेश की बहुत ही शानदार फिल्में दिखाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह 'लोकल टू ग्लोबल' की यात्रा है। हाइफा में हरियाणवी सिनेमा के साथ-साथ अन्य विभिन्न देशों की फिल्मों को दर्शाया जा रहा है। हालांकि, प्रथम वर्ष में कुछ कमियां रह जाती हैं, लेकिन हम हमेशा इसमें सुधार करके आगे बढ़ेंगे। बढ़िया काम करेंगे।
एक्टर ने कहा कि फेस्टिवल को लेकर लोगों के साथ-साथ फिल्म निर्माताओं में भी काफी उत्साह है। यहां पर फिल्म निर्माताओं को बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। इसमें मास्टर क्लास भी होगी, जिसमें बॉलीवुड के लेखक-निर्देशक अश्विनी चौधरी और अखिलेंद्र मिश्रा की है। हाइफा को लेकर हम बहुत ही सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
अभिनेता ने हरियाणवी कलाकार, सुपवा के ट्रेड कलाकार और स्टेज के अनुभवी कलाकारों को सलाह दी कि आपके पास बहुत सारे विकल्प और मौके हैं। हर चौथे दिन ऑडिशन के लिए नोटिस जारी की जाती है। ऐसे में अगर आपको एक्टिंग में रुचि है तो ऑडिशन दीजिए। अपने टैलेंट के बूते पर आगे आइए।
हाइफा के अवार्ड समारोह में पहुंचे बॉलीवुड कलाकार यशपाल शर्मा ने ‘हनुमान अंश’ फिल्म को लेकर कहा कि फिल्म अपने दम पर आगे बढ़ी है और आने वाले समय में ऐसी और फिल्में बनना जरूरी है। उनके अनुसार फिल्म के अंदर क्या है, यह महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी भी फिल्म को साफ नीयत से बनाया जाना चाहिए और उसमें किसी तरह का एजेंडा नहीं होना चाहिए।
यशपाल शर्मा ने कहा कि धार्मिक फिल्म बनाना कोई बुरी बात नहीं है, बल्कि अच्छी बात है, लेकिन अगर किसी फिल्म में किसी विशेष एजेंडे को रखा जाता है, तो बात गलत दिशा में चली जाती है। उन्होंने कहा कि फिल्म किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं होनी चाहिए। कलाकार की भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि एक सच्चा कलाकार किसी जात-पात या धर्म की सीमाओं में नहीं बंधा होता और उसके लिए सभी लोग समान होते हैं।
दिशा सालियान की मौत के मामले में आदित्य ठाकरे और रिया चक्रवर्ती के नाम तथा सीबीआई की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर यशपाल शर्मा ने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी तरह से जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषी और निर्दोष के बारे में स्थिति साफ होनी चाहिए।
--आईएएनएस
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