मुंबई: संगीतकार डब्बू मलिक इन दिनों अपने रोमांटिक ट्रैक 'थोड़ी देर ठहर' को लेकर चर्चा में हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत में उन्होंने आज के समय में बदलते संगीत के महत्व पर विचार साझा किए।
डब्बू का मानना है कि संगीत को किसी एक दायरे में नहीं बांधा जा सकता है। संगीत हर इंसान के लिए अलग होता है, जैसे हर किसी का स्वाद अलग है, ठीक वैसे ही हर श्रोता अपनी पसंद के हिसाब से प्लेलिस्ट चुनता है। कुछ लोगों को तेज और शोर-शराबे वाले संगीत पसंद आते हैं, तो कुछ सुकून और सादगी की तलाश में रहते हैं। हमारा गाना 'थोड़ी देर ठहर' उन लोगों के लिए है, जो भावनाओं को धुन के जरिए महसूस करना चाहते हैं।
डब्बू ने अपने नए गाने की प्रेरणा के बारे में बात करते हुए सादगी पर जोर दिया। डब्बू ने बताया कि इस गाने में कोई कठिन शब्द या बहुत भारी शायरी नहीं है। उन्होंने कहा, "यह गाना मुझे इसलिए भी पसंद आया क्योंकि इसमें कोई दिखावा नहीं है। यह दो लोगों के बीच की एक साधारण बातचीत जैसा लगता है। जब हम किसी अपने से बात करते हैं, तो मुश्किल कविता नहीं पढ़ते हैं, बल्कि, दिल से बोलते हैं।"
डब्बू ने आगे बातचीत में स्पष्ट किया कि वे अपनी मूल (मेलोडी) को नहीं छोड़ सकते, लेकिन आज की युवा पीढ़ी से जुड़ने के लिए वे नई साउंड तकनीक और आधुनिक स्टाइल को जरूर अपना रहे हैं। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि अगर धुन मधुर हो, तो उसे किसी भी आधुनिक तरीके से पेश किया जा सकता है।"
आज के रीमिक्स कल्चर पर डब्बू ने सकारात्मक नजरिया पेश करते हुए कहा, "पुराने गाने इसलिए दोबारा बनाए जा रहे हैं क्योंकि उनकी मेलोडी बहुत शक्तिशाली थी। यह समय का एक चक्र है। आज जो गाने हिट हो रहे हैं, भविष्य में उनके भी रीमिक्स बनेंगे।"
संगीतकार ने कहा, "वर्तमान में हर दिन लाखों गाने रिलीज हो रहे हैं, जिससे किसी भी गाने के लिए अपनी अलग पहचान बनाना कठिन हो गया है, लेकिन मुझे विश्वास है कि सच्ची धुन और ईमानदारी से बना संगीत अपनी जगह बनाने में हमेशा सफल रहता है।"
--आईएएनएस
