मुंबई: गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आईएफएफआई) 2025 कई खास पलों का गवाह बना, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला पल वह था, जब निर्देशक ऐश्वर्या रजनीकांत अपनी फिल्म 'लाल सलाम' के प्रदर्शन के बाद मीडिया के सामने आईं और कहा कि उनकी फिल्म को इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाया जाना किसी सपने से कम नहीं है।
उन्होंने कहा, ''मैं अभी भी इस पल को पूरी तरह समझ नहीं पा रही हूं, क्योंकि यह मेरे लिए बहुत ही अनोखा और अविश्वसनीय अनुभव रहा। मेरी खुशी यह बयां करने के लिए काफी है कि यह मौका मेरे लिए कितना खास था। इस फिल्म का यहां तक पहुंचना किसी वरदान जैसा लगता है।''
उन्होंने आगे अपनी फिल्म की यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि 'लाल सलाम' को बनाना आसान नहीं था। लंबे शूट, संसाधनों की चुनौतियां, और कहानी की संवेदनशीलता, इन सबने इस फिल्म को एक कठिन... लेकिन सीख से भरी प्रक्रिया बना दिया।
उन्होंने कहा, ''मेरे पिता (रजनीकांत) हमेशा मेरे लिए एक मजबूत सहारा बने रहे। हर कदम पर मुझे उनका साथ और विश्वास मिला, और इस वजह से मैं खुद को बेहद भाग्यशाली मानती हूं। मैं फिल्म के प्रोड्यूसर्स और ए.आर. रहमान का भी धन्यवाद करना चाहती हूं, जिन्होंने न सिर्फ इस फिल्म पर भरोसा किया बल्कि इसके संदेश को भी महत्व दिया।''
ऐश्वर्या ने बताया कि पूरी टीम इस फिल्म से जुड़कर भावनात्मक रूप से बदल गई। हर कलाकार और तकनीशियन ने इस प्रोजेक्ट में पूरी मेहनत की। उन्होंने कहा, ''कई लोग अपने सीन खत्म होने के बाद भी वापस सेट पर आ जाते थे, सिर्फ इसलिए कि शायद एक बेहतर शॉट लिया जा सके। इस तरह की प्रतिबद्धता ने फिल्म को खास बना दिया। मेरे लिए यह अनुभव एक उपलब्धि की तरह था। यह एक ऐसी यादों का खजाना है, जो जीवन भर मेरे साथ रहेगा।''
उन्होंने फिल्म 'लाल सलाम' के बारे में बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक खेल पर आधारित एक्शन ड्रामा नहीं है, बल्कि रिश्तों, भावनाओं और सामाजिक संदेशों से भरी कहानी है। 2024 में रिलीज हुई इस फिल्म में विष्णु विशाल और विक्रांत मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि रजनीकांत ने इसमें कैमियो किया है, जो इस फिल्म की खास पहचान में से एक है।