अहमदाबाद, 15 जून (आईएएनएस)। अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 क्रैश में अपनी बड़ी बहन को खोने वाले एक फिल्ममेकर ने इस हादसे पर आधारित एक फ़ीचर फ़िल्म बनाने के बारे में अपनी प्लानिंग की जानकारी दी है। उन्होंने इसे अपना एक निजी मिशन बताया है और कहा है कि यह उनके करियर का आखिरी प्रोजेक्ट हो सकता है।
वडोदरा में रहने वाले फिल्ममेकर मिलान शर्मा (38) हरियाणा के कुरुक्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल 12 जून को हुए क्रैश के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने यह फिल्म बनाने का फैसला किया। उन्होंने यह फैसला भारत के सबसे खतरनाक हवाई दुर्घटनाओं में से एक में अपने रिश्तेदारों को खोने वाले परिवारों के दुख को देखने के बाद लिया।
बता दें कि लंदन जाने वाला एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी। कुल मिलाकर इस घटना में 260 लोगों की जान गई थी।
इस हादसे में मिलान ने अपनी 56 वर्षीय बहन अंजू शर्मा को खो दिया था। इस दुखद घटना के एक साल बाद आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने बताया कि फिल्म बनाने का विचार पहली बरसी के कार्यक्रमों के दौरान नहीं, बल्कि हादसे के तुरंत बाद ही आया था।
उन्होंने बताया, "जब पिछले साल यह दुर्घटना हुई और हमें इसकी खबर मिली, तो सब कुछ देखने के बाद एक सप्ताह के अंदर ही मैंने तय कर लिया कि मैं इस पर एक फिल्म जरूर बनाऊंगा।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं इस पर पहले से ही काम कर रहा हूं और मुझे यकीन है कि मैं यह फिल्म जरूर बनाऊंगा।"
शर्मा ने कहा कि फाइनल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट न आने की वजह से इस हादसे और पीड़ितों के परिवारों पर इसके दुष्प्रभाव को डॉक्यूमेंट करने का उनका इरादा और मजबूत हो गया है।
उन्होंने कहा, "एक साल बीत चुका है और हम अभी भी इंतजार कर रहे हैं। फाइनल रिपोर्ट हमारे लिए बहुत जरूरी है। हम जानना चाहते हैं कि क्या हुआ था। इसमें सिर्फ वे लोग ही नहीं मरे, बल्कि एक तरह से उनके परिवार भी खत्म हो गए।"
शर्मा के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट सिर्फ क्रैश पर ही नहीं, बल्कि उन लोगों की जिंदगी पर भी फोकस करेगा जो इस हादसे की वजह से हमेशा के लिए बदल गईं। उन्होंने बताया कि वह पहले ही 20 से 25 प्रभावित परिवारों से मिल चुके हैं और हादसे में जान गंवाने वाले लगभग 260 परिवारों में से अधिक से अधिक परिवारों से मिलना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "मैंने उनसे कभी यह कहकर संपर्क नहीं किया कि मैं फिल्म बना रहा हूं। मैं उनसे इसलिए मिला क्योंकि मुझे लगा कि उनका दुख भी हमारे दुख जैसा ही है। कभी-कभी दुख को बांटने की जरूरत होती है।"
शर्मा ने बताया कि वह पीड़ितों की निजी कहानियां, यादें, तस्वीरें और उनके आखिरी पलों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। साथ ही, वह उन लोगों के अनुभव भी रिकॉर्ड कर रहे हैं, जिन्होंने इस हादसे को अपनी आंखों से देखा था।
उन्होंने दुर्घटना वाली जगह के पीछे रहने वाले लोगों से हुई बातचीत को याद किया। इनमें एक युवा महिला भी शामिल थी, जो मेडिकल कॉलेज की कैंटीन में काम करती थी और अपने पिता को दवा देने के लिए कुछ देर के लिए काम से बाहर निकलने की वजह से बाल-बाल बच गई थी।
शर्मा के अनुसार, स्थानीय लोगों ने मलबे से शवों को हटाने में हाथ-गाड़ियों का इस्तेमाल किया और हादसे के तुरंत बाद की स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा, "जो हुआ, उसे लेकर हज़ारों लोगों का अपना-अपना नजरिया है। मैं उन नजरियों को इकट्ठा करना चाहता हूं और उन्हें एक फिल्म के जरिए पेश करना चाहता हूं।"
फिल्म निर्माता ने कहा कि स्क्रिप्ट पूरी करने से पहले वह दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करेंगे और जांचकर्ताओं के निष्कर्षों का असर इस बात पर पड़ेगा कि कहानी कैसे सुनाई जाएगी।
उन्होंने कहा, "अगर वजह मानवीय गलती हुई, तो भी फिल्म बनेगी। अगर तकनीकी खराबी हुई, तो भी फिल्म बनेगी। नतीजा चाहे जो भी हो, फिल्म तो बनेगी ही।"
शर्मा ने कहा कि यह प्रोजेक्ट उनके प्रोडक्शन पार्टनर और सहयोगियों की मदद से बड़े पैमाने पर बनाया जाएगा। यह एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट होने वाला है। यह तो बस शुरुआत है और इसमें समय लगेगा।
उन्होंने कहा, "अगर मेरा कोई अपना इसमें शामिल न होता, तब भी मैं इस पर फिल्म बनाता। लेकिन शायद मैं उतने जोश के साथ इस पर काम नहीं कर पाता।"
इस हादसे ने हवाई यात्रा के प्रति उनके नजरिए को भी बदल दिया है। शर्मा ने कहा कि अब जब भी वह हवाई जहाज में बैठते हैं, तो उन्हें घबराहट होती है। उन्होंने कहा, "आज टेक-ऑफ़ से पहले मैंने अपने परिवार को एक फोटो भेजी। पहले मैं कभी ऐसा नहीं सोचता था।"
फिल्ममेकर ने 2007 में एक एक्टर के तौर पर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कदम रखा था और बाद में प्रोडक्शन और डायरेक्शन के क्षेत्र में आ गए। उन्होंने 2013 में पंजाबी फिल्म 'इश्क़ वाला' और 2016 में गुजराती प्रोजेक्ट 'अमे छिये' को प्रोड्यूस किया था।
--आईएएनएस
ओपी/एएस






