मुंबई, 19 जून (आईएएनएस)। अभिनेत्री निमरत कौर अहलूवालिया इन दिनों अपनी आने वाली सीरीज 'अब होगा हिसाब' को लेकर चर्चा में हैं। इसमें वहपंजाब की लड़की का किरदार निभा रही है। इस सीरीज की शूटिंग के दौरान उन्हें कैसा महसूस हुआ, इस पर उन्होंने खुलकर बात की।
निमरत कौर अहलूवालिया ने कहा, ''इस सीरीज में मैं पंजाब की लड़की का किरदार निभा रही हूं। चूंकि मैं खुद भी पंजाबी हूं, इसलिए शूटिंग के दौरान मुझे हर चीज काफी जानी-पहचानी लगी। पंजाब की भाषा, वहां के लोग और वहां की संस्कृति मेरे लिए कुछ भी नई नहीं थी। यही वजह रही कि किरदार निभाते समय मुझे किसी तरह का दबाव महसूस नहीं हुआ और मेरा प्रदर्शन स्वाभाविक रूप से सामने आया।''
अभिनेत्री ने कहा, ''शूटिंग के पहले दिन से ही मुझे ऐसा महसूस हो रहा था, जैसे मैं किसी सेट पर नहीं बल्कि अपने घर में हूं। आसपास का माहौल और लोगों से बातचीत के चलते मैं जल्दी ही उस वातावरण में घुल-मिल गईं। मेरा मानना है कि जब कलाकार अपने माहौल से जुड़ा हुआ महसूस करता है, तो उसका असर सीधे उसके अभिनय पर दिखता है। इसी वजह से मैं अपने किरदार में ज्यादा सहज और वास्तविक महसूस कर पाईं।''
निमरत कौर ने कहा, ''इस प्रोजेक्ट में मुझे सबसे बड़ी राहत इस बात की थी कि मुझे किसी नई जगह या नई संस्कृति में खुद को ढालने की जरूरत नहीं पड़ी। मैं बिना किसी दबाव के सीधे किरदार की भावनाओं पर ध्यान दे सकी और मैंने पूरी तरह से कहानी में खुद को डूबो दिया।''
सीरीज की शूटिंग के अनुभव को याद करते हुए उन्होंने बताया, ''इस पूरे सफर को खास बनाने में डायरेक्टर का बड़ा योगदान रहा। डायरेक्टर ने सेट पर ऐसा माहौल तैयार किया जिसमें हर कलाकार खुद को सहज महसूस कर सके। खासकर जब कहानी भावनात्मक रूप से भारी हो, तब एक सकारात्मक माहौल होना बहुत जरूरी होता है।''
अभिनेत्री निमरत कौर ने कहा, "पूरी टीम के बीच मजबूत तालमेल था। हर कोई एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहा था। मेरे को-स्टार संजय कपूर के साथ काम करना भी मेरे लिए एक खास अनुभव रहा। वह भी मेरी तरह पंजाबी हैं, इसलिए हमारा अलग ही बॉन्ड था। शूटिंग के दौरान हमने खूब सारी बातचीत और हंसी-मजाक किया।
अभिनेत्री ने पंजाब के स्थानीय लोगों की तारीफ करते हुए कहा, "यहां के लोगों ने हमें बहुत प्यार दिया। कई बार स्थानीय परिवारों ने शूटिंग यूनिट के लिए अपने घर का बना खाना भेजा। जब लोग इस तरह से दिल से स्वागत करते हैं, तो शूटिंग टीम खुद को बाहरी नहीं, बल्कि उसी समुदाय का हिस्सा महसूस करने लगती है।"
--आईएएनएस
पीके/वीसी





