Advance Tax Notice India : टैक्सपेयर्स को भेजे गए एडवांस टैक्स रिमाइंडर मेल में गड़बड़ी, आयकर विभाग ने जारी किया स्पष्टीकरण

एडवांस टैक्स से जुड़े गलत ईमेल पर आयकर विभाग का स्पष्टीकरण, करदाताओं को दी सलाह।
टैक्सपेयर्स को भेजे गए एडवांस टैक्स रिमाइंडर मेल में गड़बड़ी, आयकर विभाग ने जारी किया स्पष्टीकरण

नई दिल्ली: कई करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने हाल ही में शिकायत की कि उन्हें एडवांस टैक्स से संबंधित ईमेल मिल रहे हैं, जिनमें कई तरह की गलत जानकारियां दी गई हैं। इसके बाद आयकर विभाग (इनकम टैक्स डिपार्टमेंट) ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए करदाताओं से इन ईमेल को फिलहाल नजरअंदाज करने की अपील की है।

दरअसल पिछले एक-दो दिनों से कई टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को विभाग की ओर से 'नज' ईमेल भेजे जा रहे थे। इन ईमेल में कहा गया था कि करदाता द्वारा किया गया एडवांस टैक्स भुगतान उनके वित्तीय लेन-देन से मेल नहीं खाता। इसके साथ ही ईमेल में उस साल के दौरान किए गए कुछ 'महत्वपूर्ण ट्रांजैक्शन’ का भी जिक्र किया गया था।

हालांकि कई चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्सपेयर्स का कहना था कि इन ईमेल में जिन ट्रांजैक्शन का उल्लेख किया गया है, वे वास्तव में उनके द्वारा किए ही नहीं गए थे। यानी ईमेल में दी गई जानकारी में कई तरह की गलतियां थीं। इस मुद्दे पर बड़ी संख्या में शिकायतें मिलने के बाद आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार दोपहर स्पष्टीकरण जारी किया।

विभाग ने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि कुछ करदाताओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 (अग्रिम कर ई-अभियान) के तहत किए गए 'महत्वपूर्ण ट्रांजैक्शन' से संबंधित गलत जानकारी वाले ईमेल प्राप्त हुए हैं।

आयकर विभाग ने कहा कि करदाताओं द्वारा इस त्रुटि की जानकारी देने के लिए वह उनका धन्यवाद करता है और इससे हुई असुविधा के लिए खेद भी व्यक्त करता है। विभाग के अनुसार वह अपने सर्विस प्रोवाइडर के साथ मिलकर इस समस्या को ठीक करने के लिए काम कर रहा है।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक समस्या पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती, तब तक करदाता एडवांस टैक्स ई-कैंपेन से जुड़े पहले भेजे गए ईमेल को नजरअंदाज करें।

विभाग ने बताया कि ऐसे ईमेल केवल एक तरह के रिमाइंडर होते हैं, जिनका उद्देश्य करदाताओं को अपने वित्तीय लेन-देन की जानकारी की समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर एडवांस टैक्स का सही तरीके से पालन करने में मदद करना है।

इसके साथ ही करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने ट्रांजैक्शन्स की सही जानकारी देखने के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर मौजूद कंप्लायंस पोर्टल के ई-कैंपेन टैब में जाकर विवरण की जांच कर सकते हैं।

--आईएएनएस

 

 

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