चेन्नई, 7 सितंबर (आईएएनएस)। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में तमिलनाडु में पवन ऊर्जा उत्पादन में 3.31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। जुलाई और अगस्त में आई जबरदस्त तेजी ने पवन ऊर्जा सीजन की कमजोर शुरुआत की भरपाई कर दी।
तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड के डेटा के अनुसार, राज्य ने 1 अप्रैल से 31 अगस्त के बीच 10,446 मिलियन यूनिट पवन ऊर्जा का उत्पादन किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 10,112 मिलियन यूनिट थी।
अप्रैल-जून तिमाही के दौरान उत्पादन पिछले साल के स्तर से कम रहा। उत्पादन में अप्रैल में 7.8 प्रतिशत, मई में 27.2 प्रतिशत और जून में 22.2 प्रतिशत की गिरावट आई।
इन तीन महीनों का कुल उत्पादन 3,601.4 मिलियन यूनिट था, जो एक साल पहले इसी अवधि में दर्ज 4,658.2 मिलियन यूनिट से लगभग 22.7 प्रतिशत कम था।
जुलाई में स्थिति बदल गई, क्योंकि तेज हवाओं के कारण उत्पादन बढ़कर 3,401 मिलियन यूनिट हो गया, जबकि पिछले साल जुलाई में यह 3,045 मिलियन यूनिट था। यह 11 प्रतिशत की वृद्धि थी। अगस्त में सुधार में तेजी आई, जब उत्पादन 3,444 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया, जो पिछले साल इसी महीने में 2,408 मिलियन यूनिट से लगभग 43 प्रतिशत अधिक था।
जुलाई में कई दिनों तक पवन ऊर्जा का उत्पादन 100 मिलियन यूनिट से अधिक रहा और अगस्त के अधिकांश समय में भी यह अच्छा बना रहा।
अगस्त में रोजाना बिजली उत्पादन रिकॉर्ड 142.430 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया, जो अगस्त 2025 में दर्ज किए गए पिछले सबसे ज़्यादा 123.8 मिलियन यूनिट के आंकड़े से कहीं अधिक है।
इससे पता चलता है कि इस दौरान राज्य की बिजली सप्लाई में विंड पावर (पवन ऊर्जा) का कितना बड़ा योगदान रहा। इस साल जुलाई और अगस्त में कुल मिलाकर 6,845 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जो 2025 के इन्हीं दो महीनों में हुए 5,453 मिलियन यूनिट उत्पादन के मुकाबले 25.5 प्रतिशत ज्यादा है। सीजन के आखिर में हुई इस बढ़ोतरी ने पांच महीनों के कुल आंकड़े को पिछले साल के स्तर से ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई।
रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) बनाने वाली कंपनियों ने राज्य की ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन से एक ऐसी पॉलिसी लाने की अपील की है जिससे नई विंड और सोलर क्षमता को जोड़ना आसान हो सके। उनका कहना है कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए अलग पॉलिसी को अंतिम रूप दिए जाने तक विस्तार में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक फ्रेमवर्क तमिलनाडु को बेहतर उत्पादन आंकड़ों का लाभ उठाने और अपने पावर नेटवर्क में रिन्यूएबल स्रोतों के योगदान को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
--आईएएनएस
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