कीव: फ्रांसीसी लड़ाकू विमान मिराज-2000 ने यूक्रेन युद्ध में एंट्री कर ली है और उसने रूस के एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 7 मार्च को रूस की सेना ने ब्लैक सी में मिसाइल कैरियर तैनात किए थे और फिर रूसी सेना ने ब्लैक सी से स्ट्रैटजिक हमला लॉन्च किया है, जिसका मकसद यूक्रेन के कई ठिकानों को नष्ट करना था। रूस ने ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए ड्रोन हमले भी शुरू कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट में यूक्रेनी सेना के मुताबिक इन हमलों का मकसद यूक्रेन के गैस प्रोडक्शन यूनिट्स को नष्ट करना था। यूक्रेनी वायु सेना के अधिकारियों के मुताबिक रूसियों ने इस हमले में 261 हवाई हथियारों का इस्तेमाल किया था, जिसमें 67 मिसाइलें और 194 ड्रोन शामिल थे, लेकिन यूक्रेनी एयर डिफेंस ने 34 मिसाइलों और 100 हमलावर ड्रोन को मार गिराया। इसके अलावा रूस के 86 ड्रोन ऐसे जगहों पर गिरे जहां कोई नुकसान नहीं हुआ। यूक्रेनी एयरफोर्स ने अपने बयान में कहा कि रूसी हथियारों को नष्ट करने के लिए विमान-रोधी मिसाइल यूनिट्स, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और मोबाइल फायर यूनिट्स ने हिस्सा लिया। इनके अलावा अमेरिकी एफ-16 और फ्रांसीसी मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने रूसी हमलों को नाकाम करने में अहम भूमिका निभाई। बयान में कहा गया है कि फ्रांसीसी राफेल एक महीने पहले ही यूक्रेन को मिले हैं और उन्होंने पहली बार में ही दुश्मन के अभियान को नाकाम कर दिया। बता दें कि मिराज फाइटर जेट को युद्ध में गेमचेंजर माना जाता है और भारतीय वायुसेना भी इसका इस्तेमाल करती है। मिराज 2000-5 लड़ाकू विमानों से पहले यूक्रेन, नीदरलैंड, डेनमार्क, नॉर्वे, बेल्जियम और ग्रीस जैसे देशों से मिले एफ-16 एएम/बीएम ब्लॉक15 मिड-लाईफ लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर रहा था। इन देशों ने अमेरिका से ये फाइटर जेट खरीदे हैं। एफ-16 और मिराज 2000 दोनों ही मल्टीरोल फाइटर जेट हैं, जिन्हें हवा से हवा में लड़ाई और सटीक जमीनी हमले के लिए तैयार किया गया है। मिराज 2000-5 आरडीवाय यरडार से लैश है, जो विषम परिस्थितियों में भी करीब 100-120 किमी की दूरी पर लड़ाकू आकार के लक्ष्य का पता लगा सकता है। इसकी लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता, जो स्टॉर्म शैडो मिसाइलों को ले जाने और लॉन्च करने की इसकी क्षमता से निकली है।