वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ की बात फिर कही है। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि भारत अमेरिकी सामानों पर लगने वाले टैरिफ को धीरे-धीरे कम कर देगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने इंटरव्यू में कहा कि उनके भारत के साथ अच्छे संबंध हैं लेकिन भारत, अमेरिका पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाता है। उन्होंने कहा कि मेरे भारत के साथ संबंध अच्छे हैं लेकिन भारत के साथ समस्या ये है कि वे दुनिया में सबसे अधिक टैरिफ लगाने वाले देशों में शामिल है। बता दें कि इसके पहले ट्रंप ने भारत को टैरिफ किंग बताकर कहा था कि भारत बहुत ही अनुचित तरीके से भारी भरकम टैरिफ लगाता है। उन्होंने कहा था कि आप भारत में कुछ भी नहीं बेच सकते। हालांकि, वे सहमत हैं और टैरिफ कम करना चाहते हैं। 2 अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लागू ट्रंप ने इसके पहले कहा था कि अमेरिका पर टैरिफ लगाने वाले देशों पर दो अप्रैल से अमेरिका भी उतना ही टैरिफ लगाएगा। अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित कर उन्होंने कहा कि हमारा प्लान पहले रेसिप्रोकल टैरिफ को एक अप्रैल से लागू करने का था, लेकिन मैं ये बिल्कुल नहीं चाहता था कि इस अप्रैल फूल डे से जोड़कर देखा जाए। क्या है ये रेसिप्रोकल टैरिफ? रेसिप्रोकल टैरिफ उन करों (टैक्स) को कहा जाता है, जो किसी देश द्वारा दूसरे देश से आयातित वस्तुओं पर लगाते हैं। यानी जो देश अमेरिकी सामान पर जितना टैरिफ लगाएगा, अमेरिका भी उस देश के सामान पर उतना ही टैरिफ लगाएगा। ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार के दौरान रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर कहा था, जैसे को तैसा, एक टैरिफ के बदले दूसरा टैरिफ, वहीं सटीक अमाउंट का लगेगा।



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