ओटावा: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कनाडा और मेक्सिको से आयातित सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले के बाद ट्रेड वॉर (व्यापार युद्ध) छिड़ने की आशंका बढ़ गई है। इस फैसले के जवाब में कनाडा और मेक्सिको ने भी अमेरिकी सामानों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा कर दी है। कनाडा ने अपने जवाब में कहा है, कि वह अमेरिका से आयात होने वाले 155 अरब डॉलर के उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। पहले चरण में 30 अरब डॉलर के उत्पादों पर यह शुल्क 4 मार्च की आधी रात के बाद लागू हो जाएगा। अमेरिका ने व्यापार समझौते का उल्लंघन किया : ट्रूडो प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ट्रंप के फैसले को अनुचित और आर्थिक रूप से नुकसानदेह करार देते हुए कहा— अमेरिकी टैरिफ से ग्रॉसरी, गैस और कारों की कीमतें बढ़ेंगी। हजारों अमेरिकी नौकरियों पर खतरा मंडराएगा और यह दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते का उल्लंघन है। रणनीति तैयार, उचित जवाब देंगे : क्लाउडिया मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि— हम ट्रंप के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। हमारे पास अपनी रणनीति है और हम इसका उचित जवाब देंगे। मेक्सिको ने ड्रग तस्करी और अवैध प्रवास रोकने के लिए 10,000 नेशनल गार्ड सैनिकों को सीमा पर तैनात कर दिया है। चीन के प्रति भी सख्त रुख अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका चीन से आयात होने वाले सामानों पर भी टैक्स को दोगुना कर देगा। फरवरी में घोषित 10प्रतिशत टैक्स अब 20प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा। इससे ट्रेड वॉर के और बढ़ने की आशंका है, जिससे वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और महंगाई बढ़ सकती है। अब आगे क्या.... इससे अमेरिका और कनाडा के व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। मेक्सिको भी अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगा सकता है। चीन से आयात महंगा होने से अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह ट्रेड वॉर आगे बढ़ता है, तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है, जिससे महंगाई और आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ जाएगी। अब यह देखना होगा कि अमेरिका और प्रभावित देश इस विवाद को कैसे संभालते हैं।



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