- लिवर किडनी कैंसर समेत कई बीमारियों को न्यौता
वाशिंगटन: हेल्थ एक्सपर्टस का कहना है कि शराब का सेवन शहरी लाइफस्टाइल में आम हो चला है लेकिन क्या आप जानते हैं कि शराब आपके डीएनए पर जो असर डालती है उसे शराब छोड़ने के बाद भी फिर से ठीक से नहीं किया जा सकता। पिछले कुछ सालों में स्टडीज में दावा किया गया कि अल्कोहल का सेवन दिल की सेहत के लिए अच्छा है और यह उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी धीमा करता है।लेकिन अब कहा जा जा रहा है कि यह एकदम गलत है। शराब पीने से कोई फायदा नहीं हो सकता। एक्सपर्ट का कहना है कि शराब पीने से लिवर किडनी और हार्ट तो खराब होते ही हैं यह डीएनए को भी तबाह कर देती है।
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के एक अध्ययन में दावा किया गया है कि शराब हर साल कैंसर के 75 हजार केस को बढ़ा देता है वहीं इनमें से 19 हजार की मौत भी हो जाती है।इसके अलावा अध्ययन में यह भी कहा गया कि शराब का सेवन न सिर्फ लिवर हार्ट और किडनी को नुकसान पहुंचाता है बल्कि यह डीएनए को भी क्षतिग्रस्त कर देता है। खबर के अनुसार विशेषज्ञों का मानना है कि हमें अपने माता-पिता से जीन विरासत में मिलते हैं लेकिन प्रत्येक व्यक्ति में यह जीन विशिष्ट रूप से नियंत्रित होती है और इस कारण यह व्यक्ति की जीवन शैली को प्रभावित करती है।लेकिन अल्कोहल जीन के पैटर्न पर असर डालता है और इससे जीन में कई सारी जटिलताएं आ सकती है।
डॉ जावेड़ी कहते हैं “अब इस अध्ययन में साबित किया गया है कि अल्कोहल बायलोजिकल एजिंग को बढ़ा देती है। इससे डीएनए में मौजूद सुरक्षात्मक टेलीमीटर की लंबाई कम होती। यही टेलोमीटर क्रोमोजोम के आखिर में डीएनए सीक्वेंस को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और डीएनए को नुकसान होने से बचाता है.”डॉ जावेड़ी ने बताया कि हाल ही में निम्हान्स के शोधकर्ताओं के अध्ययन में पाया गया था कि अत्यधिक शराब के सेवन का असर डीएनए पर अपरिवर्तनीय हो सकता है। इस संदर्भ में जब शराब का सेवन नहीं किया जाए तब भी यही परिवर्तन बना रहता है।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया है कि शराब के अत्यधिक सेवन के परिणामस्वरूप इन लोगों में अल्कोहल यूज डिसऑर्डर हो गया जिसके कारण पुरुषों में डीएनए का पैटर्न बदल गया। यह परिवर्तन शराब छोड़ने के बाद कम से कम तीन महीने तक बना रहा।फरवरी 2021 में निम्हान्स में 21 से 40 साल की उम्र के बीच 52 लोगों पर शराब के असर का अध्ययन किया गया था। इन्हें शराब की लत थी। ये लोग मार्च 2015 से अप्रैल 2016 के बीच शराब की लत छुड़ाने का इलाज करा रहे थे।