मुंबई: महाराष्ट्र सरकार में बड़ा राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिला है। दरअसल सरपंच हत्याकांड के बाद विपक्ष के दबाव के चलते राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कहने पर इस्तीफा देना पड़ा है। यहां बताते चलें कि मंत्री मुंडे पर यह कार्रवाई उनके करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड पर सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड में आरोपी बनाए जाने के बाद की गई है। 9 दिसंबर 2023 को बीड जिले के मासाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या कर दी गई थी। हत्या के पीछे जिले में एक ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली को रोकने की कोशिश को मुख्य कारण बताया जा रहा है। सीआईडी ने 27 फरवरी को 1,200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें वाल्मिक कराड को मुख्य आरोपी बनाया गया है। फडणवीस और अजित पवार की बैठक के बाद हुआ फैसला सोमवार रात को उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। बताया जाता है कि इस बैठक में सीआईडी की चार्जशीट के नतीजों पर चर्चा हुई। इसके बाद ही फडणवीस ने धनंजय मुंडे से इस्तीफा देने को कहा। तीन मामलों में केस दर्ज, मकोका के तहत कार्रवाई सरपंच हत्या, जबरन वसूली और ऊर्जा कंपनी के सुरक्षा गार्ड पर हमले के तीन मामलों में केस दर्ज किए गए हैं। सख्त महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाया गया है। अब तक 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। धनंजय मुंडे कौन हैं? धनंजय मुंडे एनसीपी (अजित पवार गुट) के बड़े नेता हैं। वे बीड जिले के परली से विधायक हैं। इससे पहले वे बीड जिले के संरक्षक मंत्री भी रह चुके हैं। उनके इस्तीफे से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। एनसीपी में अंदरूनी उथल-पुथल के संकेत भी मिल रहे हैं।