8तीन दिवसीय बैठक में संस्था का बजट होगा पेश
8सरकारी सर्वे को लेकर भी निर्णय ले सकते हैं शूरा सदस्य
देवबन्द (दैनिक हाक): यूपी में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे की कार्रवाई शुरु होने के बीच इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम में सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से आरंभ हो गई। जिसमें संस्था का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि बैठक में सर्वे को लेकर शूरा सदस्य कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। दारुल उलूम के मेहमानखाने में आयोजित मजलिस-ए-शूरा की बैठक के पहले दिन संस्था के वार्षिक बजट और आय व्यय को लेकर चर्चा हुई। साथ ही पिछली शूरा और मजलिस-ए-आमला (वर्किंग कमेटी) की बैठक की कार्रवाई की समीक्षा की गई। विभिन्न विभागाध्यक्षों ने शूरा सदस्यों के समक्ष अपनी अपनी रिपोर्ट पेश की। जिस पर सदस्यों ने संतुष्टि जताई। बताया गया है कि महंगाई को देखते हुए इस वर्ष संस्था के बजट में वृद्धि की जा सकती है। मदरसों का सरकारी सर्वे कराए जाने को लेकर बैठक में कोई बड़ा निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसमें दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्रती अबुल कासिम नोमानी, जमीयत अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी, असम सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी, विधायक मौलाना इस्माईल मालेगांव, हकीम कलीमुल्लाह अलीगढ़ी, मौलाना हबीब बांदवी, मुफ्रती शफीक बेंगलूरु, मौलाना आकिल गढ़ी दौलत आदि मौजूद रहे।