सहारनपुर (दैनिक हाक): हथिनी कुंड बैराज का जलस्तर बढ़ जाने से छोड़े गए पानी के कारण सहारनपुर-सरसावा के बीच हैदरपुर के 96सी रेलवे ट्रैक धस गया, जिससे रेल यातायात प्रभावित हुआ और अप एवं डॉउन जाने वाली रेल गाड़ियों को रोक दिया गया या वैकल्पिक मार्गाे से निकाला गया। घटना की जानकारी मिलते ही अंबाला डिवीजन के रेलवे प्रबंधक समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और उनकी देखरेख में युद्ध स्तर पर टेªक को सुचारू बनाए जाने का कार्य आरंभ किया गया। तब तक ट्रैक पूरी तरह बाधित रहा और एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया।

पिछले कई दिनों से शिवालिक पहाड़ियों पर हो रही लगातार भारी बारिश होने कारण हथिनी कुंड बैराज का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा था। इसके चलते जल स्तर को कम किए जाने के लिए पानी को युमना नदी समेत अन्य नदियों में छोड़ा गया। पानी खेतों के रास्ते होता हुआ रेलवे ट्रैक पर जा पहुंचा, जिसने रेलवे के नीचे की मिट्टðी को काट दिया। जिस कारण ट्रैक बाधित हो गया।। बताया जाता है कि आज सहारनपुर सरसावा के बीच हैदरपुर 95 सी रेलवे ट्रैक पर अचानक ही गैटमैन कृष्ण्ण कुमार को टैªक के नीचे की मिट्टðी हटने का आभास हुआ, तो उसने तत्काल ही रेल विभाग के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी, लेकिन इस बीच उत्तफ़ टैक के रेलगाड़ियां गुजर चुकी थी। गनीमत रही कि कोई भी बड़ा हादसा होते-होते टल गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल ही अप और डाउन की सभी गाड़ियों को रोक दिया गया या फिर वैकल्पिक मार्गाे से निकाला गया। रेलवे ट्रैक के बाधित होने की सूचना पाते ही अंबाला डिवीजन के रेल प्रबंधक गुरविंदर सिंह विशेष रेलगाड़ी मौके पर पहुंचे और घटना की बाबत जानकारी ली। इसी बीच डीईएम आदित्य कुमार, एसएचसी भगवान मीणा, जेई रविंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे और रेलवे ट्रैक की स्थिति का जायजा लेते हुए रेलवे ट्रैक को दुरुस्त किए जाने का कार्य युद्ध स्तर पर कार्य आरंभ किया गया। रेल प्रबंधक अंबाला डिवीजन गुरविंदर सिंह ने बताया कि हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण ही रेलवे ट्रैक से मिट्टðी हटी है, जिसको दुरूस्त कराया जा रहा है और शीघ्र ही रेलवे ट्रैक आरम्भ हो जाएगा, लेकिन तब तक अंबाला की ओर से आने जाने वाली सभी रेलगाड़ियों को रोक दिया गया है या फिर उन्हें वैकल्पिक मार्गाे से निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की सूझबूझ से एक बड़ा रेल हादसा होते-होते बच गया, क्योंकि पूर्व में कई रेलगाड़ियां इस तरह से गुजर चुकी थी। समाचार लिखे जाने तक हैदरपुर रेलवे ट्रैक पर निर्माण कार्य जारी रहा।



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