इस्लामाबाद: पाकिस्तान दुनिया के उन देशों में शुमार है, जहां सबसे ज्यादा मौत की सजा दी जाती है। आंकड़ों के मुताबिक वैश्विक स्तर पर मौत की सजा का सामना कर रहे कैदियों में 26 फीसदी सिर्फ पाकिस्तान में ही हैं। दरअसल, पाकिस्तान में 27 से ज्यादा अपराधों में मौत की सजा प्रावधान है। पाकिस्तान का कानून कई मामलों में सख्त है। यहां कई अपराधों में मौत की सजा दी जाती है। हालांकि, समय-समय पर इसमें संशोधन भी हुए हैं। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान में 27 से ज्यादा अपराधों में मौत की सजा का प्रावधान है। यहां रेप, नाजायज यौन संबंध, महिलाओं की गरिमा पर हमला, ड्रग्स तस्करी, डकैती के दौरान हत्या जैसे मामलों में मौत की सजा दी जाती है। इसके अलावा राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ना या उकसाने पर भी मौत की सजा का प्रावधान है। पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून लागू है। इस कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति इस्लाम या धार्मिक प्रतीकों के अपमान का दोषी पाया जाता है तो उसे मौत की सजा दी जा सकती है। पाकिस्तान का ईशनिंदा कानून कहता है कि पैगंबर मुहम्मद साहब के संबंध में कोई अपमानजनक टिप्पणी, चाहे वह मौखिक हो लिखित या फोटो के जरिए इस पर भी मृत्युदंड या आजीवन कारावास के अलावा जुर्माना भी देना होगा। बता दें, ईशनिंदा कानून पाकिस्तान का सबसे विवादित कानून है। कानून का विरोध करने वालों का कहना है कि ईशनिंदा कानून से उनके मौलिक अधिकारों का हनन होता है। पाकिस्तान में हजारों लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है। एक रिपोर्ट के मुताबक पाकिस्तान में 3646 लोगों को मौत की सजा दी चुकी है। वहीं, 2024 में कुल 6,161 कैदी मौत की सजा का सामना कर रहे हैं, 2023 में यह आंकड़ा 6,039 था।



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