नई दिल्ली: नवंबर माह में ही इस बार कोहरा परेशान करने लगेगा। मौसम विभाग ने इस संबंध में चेतावनी दी है। मौसम विभाग के मुताबिक मेरठ और आस पास के इलाकों में नवंबर के शुरुआती सप्ताह में ही धुंध होने लगेगी। इसका कारण हवा में नमी की मात्रा में बढ़ोतरी होना। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ के कारण हल्के बादल होने से रात में तापमान कम होने लगेगा।
दिन में भी तापमान में कमी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में धुंध अधिक बढ़ेगी। वातावरण में धुंध छाने के पीछे भी कारण होता है। दरअसल सर्दी के मौसम में नम हवा ऊपर उठती है, तब ठंडी हो जाती है। इसके बाद जल वाष्प इकट्ठा होकर जल की बूंदों में तबदील होती है। इससे कोहरा होता है।
ये सूक्ष्म बूंदें धुआं और धूल में शामिल हो जाती है, जो धुंध बनती है। बता दें कि इन दिनों मौसम में परिवर्तन के कारण हिमालय पर चक्रवात पैदा होता है। इसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है। वहीं अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से नम हवा आती है, जो धुंध में बढ़ोतरी लाती है।
बता दें कि हिमालय पर पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है, जो मैदानी इलाकों में अपना प्रभाव डालेगा। ये बादलों की आवाजाही में बढ़ोतरी लाता है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ इस समय हिमालय के पूर्वी इलाके में है। इस कारण हवा में 80 प्रतिशत से अधिक आद्रता हो गई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण ही हवा वायुमंडल में रात और सुबह के समय धुंध छाएगी। वहीं प्रदूषण अधिक होने से भी धुंध की चादर गहराती है। दरअसल रात में जमीन का तापमान भी कम होता है, जिससे हवा में मौजूद भाप इकट्ठा होकर ओस का रूप लेती है।
मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक इस समय हिमालयी क्षेत्र में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे है। इन पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर जबरदस्त बर्फबारी होने की संभावना बनी हुई है। वहीं मैदानी इलाकों में भी बर्फबारी होगी, जिससे सर्दी होनी की संभावना अधिक होगी। बता दें कि मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि पहला पश्चिमी विक्षोभ दो अक्तूबर तक रहेगा वहीं दूसरा विक्षोभ चार से छह नवंबर तक सक्रिय रहेगा।