संभल: मस्जिद की रंगाई-पुताई के मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने हाईकोर्ट के फैसले पर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि मस्जिद में रंगाई-पुताई को कोई बड़ी बात नहीं समझना चाहिए। हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए अनुमति देने से इनकार किया है, लेकिन साफ-सफाई की अनुमति दी है। अधिकारियों का कहना है कि यूपी सरकार ने संभल की जामा मस्जिद को सरकारी जमीन पर बने होने का दावा किया है, जिस पर बर्क ने बेवकूफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हिंसा की जांच में गिरफ्तार 76 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि अभी भी कई उपद्रवियों की तलाश जारी है। पुलिस ने लोगों से फरार उपद्रवियों की पहचान में मदद के लिए सहयोग मांगा है और सार्वजनिक स्थानों पर उनके पोस्टर लगाए गए हैं। अब एसआईटी टीम संभल शहर के कई इलाकों में उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज का उपयोग कर रही है। समाज में एकता और सद्भाव की भावना को मजबूत करने के लिए जरूरी है कि सभी सरकारी और अधिकारियों के निर्णय शांतिपूर्ण तरीके से लिए जाएं और न्यायपालिका की दिशा में विश्वास बना रहे। पिछले साल नवंबर में संभल की शाही जामा मस्जिद में सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस मामले में दर्जनों लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि, अभी भी कई लोग फरार हैं। पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश में जुटी है। बीते दिनों पुलिस ने फरार उपद्रवियों की फोटो सार्वजनिक जगहों पर चस्पा करते हुए, लोगों से उनके बारे में जानकारी मांगी थी। अभी तक संभल हिंसा में शामिल 76 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ऐसे उपद्रवियों की पहचान में जुटी हुई है जो कि 24 नवंबर 2024 की हिंसा में शामिल थे। सतीश मोरे/01मार्च ---



Related news