केदारनाथ: केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी के चलते यात्रा मार्ग अवरुद्ध हो गया है। हाल ही में 27 और 28 फरवरी को हुई भारी बर्फबारी के बाद क्षेत्र में पांच फीट तक बर्फ जमी है। इसके अलावा बीते दो दिनों से रुक-रुककर हल्की बर्फबारी हो रही है, जिससे हालात और कठिन हो गए हैं। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर एक से पांच फीट तक बर्फ जमी है, जिससे आवाजाही करना संभव नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी रामबाड़ा से रुद्रा प्वाइंट के बीच देखी जा रही है, जहां छह स्थानों पर हिमखंड सक्रिय हो गए हैं। इन हिमखंडों के कारण मार्ग पूरी तरह बाधित है। रामबाड़ा से रुद्रा प्वाइंट तक टीएफटी चट्टी, हथनी गदेरा, कुबेर गदेरा, भैरव गदेरा और रुद्रा प्वाइंट के समीप बड़े हिमखंड पसरे हुए हैं। छोटी और बड़ी लिनचोली में चार फीट से ज्यादा बर्फ जमी है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में बर्फबारी हो सकती है, जिससे मार्ग को खोलने में देरी हो सकती है। प्रशासन ने पिछले साल जनवरी-फरवरी में हुई भारी बर्फबारी के बावजूद 20 फरवरी से रास्ते से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया था, लेकिन इस बार स्थिति गंभीर है। इस बार भी प्रशासन ने रामबाड़ा-गरुड़चट्टी पुराने मार्ग को पुनर्जीवित करने का काम शुरू किया था, लेकिन बर्फबारी के कारण कार्य रोकना पड़ा। इस मार्ग पर काम कर रहे करीब 90 मजदूर बीते सप्ताह सोनप्रयाग लौट आए हैं। केदारनाथ धाम में आगामी 2 मई से यात्रा शुरू होगी, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए प्रशासन के लिए तैयारियां शुरू करना मुश्किल है। लोक निर्माण विभाग के मुताबिक अगर मौसम ने साथ दिया, तो 20 मार्च के बाद बर्फ हटाने का काम शुरू किया जा सकता है। फिलहाल, गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह से बर्फ से ढका हुआ है। रामबाड़ा से आगे हिमखंड सक्रिय होने के कारण पैदल यात्रा करना संभव नहीं है। इस कारण केदारनाथ यात्रा को लेकर संशय बरकरार है। प्रशासन हालात पर नजर रख रहा है और मौसम में सुधार होते ही रास्ता साफ करने का काम शुरू किया जाएगा।



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