नई दिल्ली: जलवायु परिवर्तन का असर अब मौसम पर स्पष्ट रूप से नजर आने लगा है। इस साल गर्मी जल्द ही अपना रौद्र रूप दिखाने वाली है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश के मालवा अंचल में जहां सामान्य से कम सर्दी पड़ी और औसत से कम बारिश हुई, वहां मार्च की शुरुआत से ही तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 7 मार्च के बाद तापमान में 5 से 6 डिग्री की वृद्धि देखी जाएगी। इंदौर और उज्जैन सहित आसपास के क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक (16-18 डिग्री सेल्सियस) बना रहेगा, वहीं दिन का तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ला-नीना और हिंद महासागर द्विध्रुव का असर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में कमजोर हो रहे ला-नीना और तटस्थ हिंद महासागर द्विध्रुव की स्थिति के कारण इस पूरे महीने सामान्य से कम वर्षा और सामान्य से अधिक तापमान देखने को मिलेगा। मार्च के अंत में भीषण गर्मी की चेतावनी कृषि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मार्च के दूसरे सप्ताह में रात्रि तापमान 17-19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा। दिन का तापमान और अधिक बढ़कर 35-36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। मार्च के अंत में 3-4 दिनों तक भीषण गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई है। बारिश की संभावना नहीं, लेकिन बादल छाए रहेंगे फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ दिनों तक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में गर्मी की शुरुआत इस साल पहले और अधिक तीव्र हो सकती है। गर्मी से बचाव के लिए तैयारी जरूरी मौसम वैज्ञानिकों की इस चेतावनी के बाद लोगों को गर्मी से बचाव के लिए अभी से सावधानी बरतनी होगी। खासतौर पर किसानों, बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी के प्रभाव से सतर्क रहने की जरूरत है।



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