गांधीनगर: पशु, पक्षी और पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन में गुजरात सदैव ही देश में अग्रणी रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वृक्षारोपण के जरिए पर्यावरण के संरक्षण के लिए 2024 में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की थी। आज यह अभियान सही मायनों में गुजरात सहित देश के अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एक जन अभियान के रूप में स्थापित हो गया है। वन एवं पर्यावरण मंत्री मुळुभाई बेरा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने 3 मार्च को ‘विश्व वन्यजीव दिवस’ के रूप में घोषित किया है, तब ‘एक पेड़ मां के नाम’ के अंतर्गत लगाए गए पौधे आने वाले समय में देश के मानव जीवन और वन्यजीव सृष्टि के पर्यावास के लिए वरदान साबित होंगे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने इस अभियान के अंतर्गत फरवरी-2025 की स्थिति के अनुसार 17.32 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर देश में दूसरा स्थान प्राप्त करने के साथ ही राज्य में ग्रीन कवर यानी हरित आवरण में वृद्धि का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश आबादी और क्षेत्रफल के अनुपात की दृष्टि से 39.51 करोड़ वृक्षारोपण के साथ देश में पहले स्थान पर है। वन एवं पर्यावरण मंत्री मुळुभाई बेरा ने विश्व वन्यजीव दिवस के संदर्भ में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने इस अभियान के तहत अब तक देश के 37 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कुल 121 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। वन मंत्री मुळुभाई बेरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में अपनी माता के नाम एक पौधा लगाकर प्रधानमंत्री के पर्यावरण-उन्मुख ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का गुजरात में शुभारंभ किया था। इस अभियान में हिस्सा लेने वाले गुजरात राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, सांसद, पदाधिकारी, अधिकारी, शैक्षणिक और स्वैच्छिक संस्थाओं सहित पर्यावरण प्रेमी नागरिक अपनी-अपनी मां के नाम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल कर रहे हैं। बेरा ने बताया कि इस जन अभियान के परिणामस्वरूप गुजरात आज वृक्षारोपण के मामले में उत्तर प्रदेश के बाद देश में दूसरे स्थान पर है। हालांकि, वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश 19.98 करोड़ की आबादी के साथ भारत में सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है, जिसका क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किमी है। इसकी तुलना में गुजरात की आबादी 6 करोड़ से अधिक और क्षेत्रफल 1,96,024 वर्ग किमी है। इस दृष्टि से कह सकते हैं कि गुजरात वृक्षारोपण के मामले में देश का एक अग्रणी राज्य है। वन मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय पर्यावरण प्रेमी गुजरातियों को देते हुए अधिक से अधिक नागरिकों से इस अभियान में हिस्सा लेने का आह्वान किया। वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री मुकेशभाई पटेल ने इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न जिलों के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में किए गए वृक्षारोपण की जानकारी देते हुए कहा कि 27 फरवरी, 2025 की स्थिति के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में 15.71 करोड़, जबकि शहरी क्षेत्र में 1.60 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। जिसमें सर्वाधिक 2.94 करोड़ वृक्षारोपण के साथ अपने रण क्षेत्र के लिए जाना जाने वाला कच्छ जिला राज्य में पहले नंबर पर है। इसके अलावा, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत जामनगर जिले में 1.01 करोड़, अहमदाबाद जिले में 73.87 लाख, बनासकांठा में 72.83 लाख, खेड़ा में 70.63 लाख, सूरत में 69.72 लाख, नर्मदा में 61.13 लाख, सुरेन्द्रनगर में 56.91 लाख, वलसाड में 53.55 लाख, दाहोद जिले में 51.99 लाख और साबरकांठा में 50.62 लाख सहित राज्य के 33 जिलों के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कुल 17.32 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार द्वारा वन्य और समुद्री जीवों के संरक्षण के उद्देश्य से शुरू की गई महत्वपूर्ण ‘मिष्टी’ योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 19,020 हेक्टेयर क्षेत्र में मैंग्रोव रोपण के साथ गुजरात देश में पहले स्थान पर है, जो सभी गुजरातियों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के सहयोग से राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक और स्वैच्छिक संस्थाओं तथा वृक्ष एवं पर्यावरण प्रेमी नागरिकों ने अभियान में हिस्सा लेकर अपनी माता की स्मृति में पौधे लगाकर गुजरात में जनभागीदारी से ग्रीन कवर बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान दिया है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत सर्वाधिक वृक्षारोपण करने वाले देश के शीर्ष पांच राज्यों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं। सतीश/01 मार्च