वाशिंगटन: अमेरिका की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में एक भारतीय छात्र को अमेरिकी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। छात्र पर आरोप है कि उसने अमेरिकी विदेश नीति का विरोध किया और उसका हमास से संबंध है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने छात्र पर आरोप लगाया है कि उसने सोशल मीडिया पर हमास का दुष्प्रचार किया है और यहूदी-विरोधी भावना फैलाने की कोशिश की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने छात्र की गतिविधियों के आधार पर यह कहा कि छात्र बदर खान सूरी को डिपोर्ट किया जा रहा है। छात्र एक भारतीय नागरिक है, छात्र वीजा पर अमेरिका में रह रहे हैं और उन्होंने एक अमेरिकी नागरिक से शादी की है। उनके वकील के मुताबिक सूरी को अलेक्जेंड्रिया में हिरासत में लिया है और वह अब आव्रजन कोर्ट में अपनी सुनवाई की तारीख का इंतजार कर रहे हैं। संघीय एजेंटों ने उन्हें सोमवार रात वर्जीनिया के रॉसलिन में उनके घर के बाहर से गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन विदेशियों को निर्वासित करने का अभियान चला रहे हैं जिन्होंने अक्टूबर 2023 में हमास के हमले के बाद गाजा में अमेरिकी सहयोगी इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था। ट्रंप प्रशासन की यह कार्रवाई नागरिक अधिकारों और अप्रवासी वकालत समूहों के विरोध का कारण बनी है। इन समूहों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन अपने राजनीतिक विरोधियों को गलत तरीके से निशाना बना रहा है। बता दें छात्र बदर खान सूरी जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के अलवलीद बिन तलाल सेंटर फॉर मुस्लिम-क्रिश्चियन अंडरस्टैंडिंग में पोस्टडॉक्टोरल फेलो के रूप में कार्यरत हैं, जो विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फॉरेन सर्विस का हिस्सा है। उनकी गिरफ्तारी की खबर सबसे पहले पोलिटिको ने दी थी।



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