अहमदाबाद: गुजरात वर्षों से संस्कृति, परंपरा, समृद्धि और विकास की भूमि रही है। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2001 में विकास की नींव रखी और दो दशक से अधिक समय से राज्य सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण और जनभागीदारी से राज्य में विकास का नया अध्याय शुरू हो चुका है। परिणामस्वरूप पिछले दो दशकों से गुजरात लगातार देश में विकास की राजनीति में एक नया अध्याय लिखकर आदर्श साबित हो रहा है। 1 मई को गुजरात के 65वें स्थापना दिवस पर जिस पर सभी गुजराती गर्व कर सकते हैं, हमें विकास की इस अविरल यात्रा को और आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्पित होना चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल भी इसी राह पर राज्य की विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं। परिणामस्वरूप, भारत की 5 प्रतिशत जनसंख्या और 6 प्रतिशत भू-भाग होने के बावजूद गुजरात देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गुजरात देश के सकल घरेलू उत्पाद में 8.2 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। जबकि गुजरात भारत की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है। गुजरात एक गौरवशाली अतीत वाला राज्य है और भविष्य के लिए पहल करने वाली अग्रणी शक्ति है। यहां मंदिर है, मॉल है, रण उत्सव है, गिफ्ट सिटी है। यहां आधुनिक निर्माण के साथ-साथ हरित भवन भी हैं जो पर्यावरण को केन्द्र में रखते हैं। गिफ्ट सिटी, साइंस सिटी, धोलेरा स्मार्ट सिटी, मेट्रो ट्रेन, बुलेट ट्रेन परियोजना, श्वेत राजस्व उत्पन्न करने वाले बंदरगाह - ऐसी अनेक योजनाएं गुजरात को राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर ले जा रही हैं।
आइये अपने गुजरात के विकास की बात करें...
गुजरात का इतिहास शुरू से ही बहुत गौरवशाली रहा है। लोथल और धोलावीरा जैसे सिंधु घाटी सभ्यता स्थलों से लेकर महात्मा गांधी की जन्मस्थली पोरबंदर तक, गुजरात ने भारत के इतिहास में अमूल्य योगदान दिया है। भगवान श्री कृष्ण के द्वारका धाम से लेकर सूफी संस्कृति तक, गुजरात सांस्कृतिक सम्मिश्रण का भी एक उदाहरण है। गुजरात के पुत्र एवं वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सतत मार्गदर्शन, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व एवं गुजरातियों के अथक प्रयासों से गुजरात भारतीय अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण एवं शक्तिशाली राज्य के रूप में अपना विशेष स्थान रखता है। इसके अलावा गुजरात निर्यात के क्षेत्र में भी अग्रणी स्थान रखता है। भारत के कुल निर्यात में गुजरात का योगदान 30 प्रतिशत से अधिक है। इनमें मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल्स, सिरेमिक्स, रत्न एवं आभूषण, रसायन तथा फार्मा उत्पाद शामिल हैं। अप्रैल से दिसंबर 2024 तक कुल 88.16 बिलियन अमेरिकी डॉलर। देश के डॉलर निर्यात में गुजरात की हिस्सेदारी 27.40 प्रतिशत थी। नीति-संचालित राज्य के रूप में गुजरात पूरे देश में एक आदर्श राज्य साबित हुआ है। पिछले 20 वर्षों में राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए गुजरात खेल नीति, पर्यटन नीति, सेमीकंडक्टर नीति जैसी विभिन्न नीतियों की घोषणा की है।






