
नई दिल्ली: नीट-यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द होने का मामला अब राजनीतिक रंग भी पकड़ता जा रहा है। विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
समाजवादी पार्टी के सांसद आरके चौधरी ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की सरकार है और यहां खेल खेले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश के अनगिनत युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो रही है। आरके चौधरी ने कहा कि सरकार, खासकर स्वास्थ्य विभाग और नीट परीक्षा कराने वाली टीम, को पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए थी।
पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां अक्सर पेपर लीक की घटनाएं सामने आती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में मामलों को सीबीआई को सौंप दिया जाता है और धीरे-धीरे दबा दिया जाता है। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि नीट परीक्षा के मामले में भी ऐसा ही होता दिखाई दे रहा है क्योंकि अब यह मामला सीबीआई को सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उनके मुताबिक यही बच्चे देश का भविष्य बनाने वाले थे।
तेलंगाना रक्षा सेना की अध्यक्ष के. कविता ने कहा कि इस घटना से युवाओं का भरोसा पूरी तरह टूट गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की सोच भी न सके।
वहीं उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए के. कविता ने कहा कि जो लोग चुनाव हार जाते हैं, वे ध्यान खींचने के लिए ऐसे बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि आस्था हर व्यक्ति का निजी विषय है और उसे घर तक ही सीमित रहना चाहिए।
--आईएएनएस
